अपडेटेड 14 January 2026 at 08:57 IST

किलर को किया हायर, दिया जहरीला इंजेक्शन और...इस गांव में 500 आवारा कुत्तों की कर दी गई हत्या, चुनाव में वोट के लिए हैवान बने सरपंच

तेलंगाना के गांवों में ग्राम पंचायत चुनाव के बाद बड़े पैमाने पर आवारा कुत्तों को मारने के मामले सामने आए हैं। बीते एक हफ्ते में अलग-अलग जिलों के गांवों में करीब 500 कुत्तों की कथित तौर पर हत्या की गई है।

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Mass dog murder in telangana
किलर को किया हायर, दिया जहरीला इंजेक्शन और...इस गांव में 500 आवारा कुत्तों की कर दी गई हत्या, चुनाव में वोट के लिए हैवान बने सरपंच | Image: Pixabay

तेलंगाना के गांवों में ग्राम पंचायत चुनाव के बाद बड़े पैमाने पर आवारा कुत्तों को मारने के मामले सामने आए हैं। बीते एक हफ्ते में अलग-अलग जिलों के गांवों में करीब 500 कुत्तों की कथित तौर पर हत्या की गई है। पुलिस के मुताबिक, इन घटनाओं में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका सामने आ रही है। गांवों के सूत्रों ने बताया कि कुछ निर्वाचित प्रतिनिधियों ने हाल ही में हुए ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान आवारा कुत्तों के खतरे से ग्रामीणों को छुटकारा दिलाने का वादा किया था। 

इसी वादे को पूरा करने के लिए कुत्तों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में पांच ग्राम सरपंचों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले हनमकोंडा जिले की पुलिस ने श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में लगभग 300 आवारा कुत्तों की हत्या के संबंध में दो महिला सरपंचों और उनके पतियों सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

सरपंचों ने कुत्तों को जहर देने के लिए व्यक्ति को नियुक्त किया था

पुलिस के अनुसार, सरपंचों पर आरोप है कि उन्होंने कुत्तों को मारने के लिए जहरीले इंजेक्शन का इस्तेमाल किया। सरपंचों ने किसी व्यक्ति को जहरीले इंजेक्शन लगाने के लिए नियुक्त किया था। कुत्तों की हत्या के बाद उनके शव गांवों के बाहर दफनाए गए थे। सूचना मिलने पर पशु चिकित्सा टीमों ने शव बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम किया। विसरा के सैंपल फॉरेंसिक साइंस लैब भेजे गए हैं, ताकि मौत की सही वजह और इस्तेमाल किए गए जहर के प्रकार का पता चल सके। आरोपियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने बढ़ाई गंभीरता

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इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सख्त टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि वह राज्यों को डॉग बाइट मामलों में भारी मुआवजा देने और डॉग फीडर्स की जिम्मेदारी तय करने पर विचार कर सकती है। कोर्ट ने कहा है कि पिछले पांच सालों में नियमों को ठीक से लागू नहीं किया गया और उनका पालन ढंग से नहीं हुआ, जिस पर चिंता जताई गई है। इस टिप्पणी ने तेलंगाना की घटना को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 14 January 2026 at 08:57 IST