निगम बोध घाट पर होगा मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार, कांग्रेस ने की स्मारक की मांग
Manmohan Singh की अंत्येष्टि शनिवार को की जाएगी। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास ‘3 मोतीलाल नेहरू मार्ग’ पर फूलों से सजे ताबूत में रखा गया है।
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Manmohan Singh Funeral: साल 2024 जाते-जाते वो गम दे गया, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। 26 दिसंबर की तारीख हमसे वो शख्स छीन गया, जिनके आर्थिक सुधार का लोहा पूरी दुनिया ने माना। आर्थिक सुधार के 'योद्धा' पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अब हमारे बीच नहीं है। तमाम दिग्गज नेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ तमाम नेताओं ने दुख जताया है।
देश ही नहीं दुनिया भर में अर्थशास्त्र की अपनी जानकारी को लेकर धाक जमाने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनहोहन सिंह के निधन की खबर से शोक की लहर है। डॉक्टर मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ सुबह 11.45 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर होगा। इसके लिए गृह मंत्रालय ने तैयारी शुरू करदी है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने की PM मोदी से मांग
कांग्रेस कार्य समिति ने शुक्रवार शाम बैठक कर मनमोहन सिंह के निधन पर शोक जताया और उनके योगदान को याद किया। कार्य समिति ने कहा कि भारत ने एक ऐसा सच्चा राजनेता खोया है जिनके जीवन और कार्यों ने देश के भविष्य को दिशा दिखाई। कार्य समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस मनमोहन सिंह की स्मृति को संजोने और उनके योगदान को आगे बढ़ाने का संकल्प लेती है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार ऐसे स्थान पर कराए जाने का आग्रह किया, जहां उनका स्मारक बनाया जा सके।

9:30 बजे शुरू होगी अंतिम यात्रा
पूर्व प्रधानमंत्री सिंह की अंत्येष्टि शनिवार को की जाएगी। तिरंगे में लिपटे पूर्व प्रधानमंत्री के पार्थिव शरीर को उनके आवास ‘3 मोतीलाल नेहरू मार्ग’ पर फूलों से सजे ताबूत में रखा गया है। जहां दिनभर दलगत भावना से ऊपर उठकर नेताओं ने दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दी। मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह कांग्रेस मुख्यालय ‘24 अकबर रोड’ पर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद वहीं से सुबह 9:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी।
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दादी ने किया पालन-पोषण
भारत में आर्थिक सुधारों के जनक कहे जाने वाले पूर्व वित्त मंत्री और दो बार प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का गुरुवार को निधन हुआ, वह 92 साल के थे। मनमोहन सिंह को तबीयत बिगड़ने पर एम्स में भर्ती कराया गया था। उनका पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार देर रात एम्स से उनके आवास पर ले जाया गया। अमृतसर में रेडीमेड गार्मेंट का व्यापार करने वाले उनके सौतेले भाई सुरजीत सिंह कोहली ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री को अपनी दादी से गहरा लगाव था। मनमोहन सिंह के बचपन में ही उनकी माता का निधन हो गया था और दादी ने ही उनका पालन-पोषण किया था। मनमोहन सिंह का अमृतसर से गहरा लगाव था। वह जब भी पवित्र शहर अमृतसर आते तो स्वर्ण मंदिर में दर्शन करते थे।
मनमोहन सिंह की सरकार ने सूचना का अधिकार (RTI), शिक्षा का अधिकार (RTE) और मनरेगा जैसी युग परिवर्तनकारी योजनाओं की शुरूआत की। हमेशा नीली पगड़ी पहनने वाले सिंह को 1991 में नरसिम्हा राव सरकार में भारत का वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था। आर्थिक सुधारों की एक व्यापक नीति शुरू करने में उनकी भूमिका को अब दुनिया भर में मान्यता प्राप्त है।
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(भाषा इनपुट के साथ)