Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर माघ मेला का दूसरा पवित्र स्नान आज, श्रद्धालु संगम में लगा रहे हैं आस्था की डुबकी; गंगासागर में भी उमड़ा जनसैलाब
देशभर में मकर संक्रांति का पर्व आज,14 जनवरी मनाया जाएगा। प्रयागराज में आयोजित माघ मेला का दूसरा पवित्र स्नान 14 जनवरी 2026 को हो रहा है
- भारत
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देशभर में मकर संक्रांति का पर्व आज,14 जनवरी मनाया जाएगा। हालांकि,कई जगहों पर 15 जनवरी को भी यह त्यौहार मनाया जाएगा। क्योंकि इस साल मकर संक्रांति की तिथि दो दिन पड़ रही है। प्रयागराज में आयोजित माघ मेला का दूसरा पवित्र स्नान 14 जनवरी 2026 को हो रहा है। इस मौके पर पवित्र संगम में आस्था की डूबकी लगाने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान के साथ दान-पुण्य का भी विधान है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग आस-पास के पवित्र नदी में या फिर गंगा स्नान के लिए जाते हैं। माना जाता है कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान पर पुण्य की प्राप्ति होगी। बुधवार को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे।
संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में आज दूसरा प्रमुख स्नान हो रहा है। त्रिवेणी संगम के तट पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। सुबह से सगम के घाटों पर भारी भीड़ नजर आ रही है।
9 लाख लोगों ने संगम में लगाई डूबकी
माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने कहा, एकादशी के अवसर पर भी कई लोग स्नान कर रहे हैं। सुबह 6 बजे तक लगभग साढ़े 9 लाख लोगों ने स्नान कर लिया है और हमारे सभी घाटों पर श्रद्धालुओं के द्वारा स्नान किया जा रहा है। लगातार स्नान हो रहा है...मकर संक्रान्ति कल है लेकिन 14 जनवरी होने के कारण लोग आज भी स्नान करने आ रहे हैं और हमारी सारी पुलिस बल मौके पर तैनात हैं...और सभी जगहों की निगरानी की जा रही है।"
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अयोध्या में सरयू घाट पर भारी भीड़
मकर संक्रांति के मौके पर अयोध्या के सरयू घाट पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू घाट पर स्नान और पूजा की। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष विधान है, जिससे धन-धान्य में वृद्धि होती है। ऐसे में लोग पवित्र स्नान के बाद दान पुण्य भी कर रहे हैं।
गंगासागर में उमड़ा जनसैलाब
पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप पर स्थित गंगासागर में भी मकर संक्रांति के अवसर पर विशाल मेला का आयोजन किया गया है। यह कुंभ मेले के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाता है। मकर संक्रांति पर गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के पवित्र संगम पर श्रद्धालु स्नान कर सूर्य देव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।