अपडेटेड 2 March 2026 at 23:40 IST

Holika Dahan 2026 : वर्ली BDD चॉल में 'लव जिहाद' थीम की होली, सामाजिक बुराई का प्रतीक मानकर बनाई होलिका

Maharashtra News : मुंबई के वर्ली स्थित BDD चॉल में 'लव जिहाद' विरोधी थीम पर 35-40 फीट ऊंची राक्षसी होली तैयार की गई। यह LED लाइट्स से सजा भयावह राक्षस बुराई का प्रतीक है।

Follow : Google News Icon  
Maharashtra Worli BDD Chawl Residents Love Jihad Holika Dahan
वर्ली BDD चॉल में 'लव जिहाद' थीम की होली | Image: ANI

Holika Dahan 2026 : होली के पावन पर्व पर बुराई के प्रतीक होलिका दहन की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस साल भी देश भर में रीति-रिवाजों के साथ पारंपरिक होलिका दहन की रस्में हुई। इस बीच मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित BDD चॉल के निवासियों ने इस परंपरा को एक सामाजिक मुद्दे से जोड़ते हुए एक अनोखी होली तैयार की थी। यह 'लव जिहाद' की थीम पर आधारित रही।

होलिका को एक विशाल राक्षसी आकृति में बनाया गया था। रंग-बिरंगी एलईडी लाइट्स से सजी बैंगनी, लाल, नीले और अन्य रंगों में चमकती दिखी, जिससे रात के समय यह और भी भयावह दिखाई दे रही थी। होलिका के सिर पर सींग, लाल आंखें और नुकीले दांत हैं, जो बुराई का प्रतीक हैं। इसके हाथों में 'लव जिहाद' और संबंधित नारे लिखे बोर्ड पकड़े हुए हैं। आसपास के बैनरों पर हिंदी में संदेश लिखे हैं, जो इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने का उद्देश्य है।

यह इंस्टॉलेशन BDD चॉल की संकरी गलियों में स्थापित की गई। लव जिहाद लगाम लगाने के लिए सरकारें लगातार कोशिश कर रही हैं। कई राज्यों में सख्त कानून भी बनाएं गए हैं, लेकिन मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह आरोप लगाता है कि हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण कराने के लिए उन्हें धोखे से प्रेम जाल में फंसाया जाता है।

बुराई पर अच्छाई का उत्सव है होली

BDD चॉल के लोगों ने इस बुराई को होलिका दहन के माध्यम से सामने लाने की कोशिश की है। होलिका दहन हिंदू धर्म में बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है। पौराणिक कथा के अनुसार, होलिका ने प्रह्लाद को जलाने का प्रयास किया था, लेकिन खुद जल गई। इसी तरह, निवासियों का कहना है कि यह इंस्टॉलेशन समाज में व्याप्त कथित बुराइयों को जलाने का प्रतीक है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाने से समाज सुरक्षित बनेगा।

Advertisement

कई दिनों में बनकर हुई तैयार

BDD चॉल, मुंबई की पुरानी आवासीय कॉलोनियों में से एक है। ऐसे आयोजन सामुदायिक एकता को मजबूत करते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि ये होली कई दिनों की मेहनत का नतीजा है। वे इसे केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश देने का माध्यम मानते हैं। 

ये भी पढ़ें: Karan Aujla In Mumbai: मुंबई में करण औजला ने ऐसा क्या किया कि हर कोई कर रहा है सलाम? देखें VIRAL VIDEO

Advertisement

Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 2 March 2026 at 23:40 IST