महाराष्ट्र में रविंद्र चव्हाण-एकनाथ शिंदे ने फिर लगाया मास्टरस्ट्रोक, रणनीति से विरोधी पैनल चारों खाने चित; इस चुनाव में जीती 21 में से 13 सीटें

महाराष्ट्र में एक बार फिर बीजेपी और शिवसेना को बड़ी जीत मिली है। राज्य की सहकारिता राजनीति में बेहद अहम माने जाने वाले ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में महायुति को बड़ी जीत मिली है।

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महाराष्ट्र में रविंद्र चव्हाण-एकनाथ शिंदे ने फिर लगाया मास्टरस्ट्रोक, रणनीति से विरोधी पैनल चारों खाने चित; इस चुनाव में जीती 21 में से 13 सीटें | Image: X

महाराष्ट्र में एक बार फिर बीजेपी और शिवसेना को बड़ी जीत मिली है। राज्य की सहकारिता राजनीति में बेहद अहम माने जाने वाले ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में महायुति को बड़ी जीत मिली है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की रणनीति के चलते महायुति समर्थित उम्मीदवारों ने 21 में से 13 सीटों पर जीत दर्ज की, जिससे बैंक की सत्ता पर महायुति का नियंत्रण लगभग तय हो गया।

यह महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की एक और बड़ी जीत मानी जा रही है। क्योंकि अब सहकारिता राजनीति में भी महायुति की मजबूती दिख रही है। ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक पर पिछले कई वर्षों से हितेंद्र ठाकूर के नेतृत्व वाली बहुजन विकास आघाड़ी का प्रभाव रहा है। इस बार बैंक की सत्ता में बदलाव के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और रवींद्र चव्हाण के नेतृत्व में महायुति ने अपनी रणनीति के तहत दोनों पैनलों में उम्मीदवार उतारे।

सहकार पैनल में शिंदे गुट के उम्मीदवारों के साथ विधायक किसन कथोरे के नेतृत्व में भाजपा के कई उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि परिवर्तन पैनल में भी भाजपा और शिंदे गुट के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे। दोनों पक्षों का कहना था कि उनके पास बड़ी संख्या में इच्छुक उम्मीदवार और कार्यकर्ता होने के कारण यह रणनीति अपनाई गई।

भाजपा के 8 और शिंदे गुट के 5 उम्मीदवार विजयी

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हाल ही में घोषित परिणामों के अनुसार भाजपा के 8 तथा शिंदे गुट के 5 उम्मीदवार विजयी हुए हैं। कुल 21 सीटों के लिए हुए चुनाव में बहुमत के लिए 11 सीटों की आवश्यकता थी, जबकि महायुति समर्थित कुल 13 उम्मीदवार विजयी रहे। इसके साथ ही बैंक में महायुति समर्थित सदस्यों का बहुमत सुनिश्चित हो गया है।

राजनीतिक हलकों में अब बैंक के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस संबंध में अंतिम निर्णय महायुति के वरिष्ठ नेतृत्व के स्तर पर लिया जाएगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि बैंक के नेतृत्व की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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