Maharashtra: महाराष्ट्र CM पर सस्पेंस बरकरार, दिल्ली में नहीं बनी बात! आज मुंबई में फिर होगी बैठक

गुरुवार को दिल्ली में अमित शाह के घर पर दो घंटे से ज्यादा देर तक चली महायुति की बैठक खत्म हो चुकी है। इस बैठक को कार्यवाहक सीएम एकनाथ शिंदे ने साकारात्मक बताया।

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Devendra Fadnavis,  Amit Shah, Eknath Shinde
Devendra Fadnavis, Amit Shah, Eknath Shinde | Image: ANI

Maharashtra New CM: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के छठे दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है। गुरुवार को दिल्ली में अमित शाह के घर पर दो घंटे से ज्यादा देर तक चली महायुति की बैठक खत्म हो चुकी है। इस बैठक को कार्यवाहक सीएम एकनाथ शिंदे ने साकारात्मक बताया।

दिल्ली में महायुति की पहली बैठक में शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस शामिल हुए। इनके अलावा बैठक में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे भी मौजूद रहे। रात दो बजे तक चली इस बैठक में भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री चेहरे से पर्दा नहीं उठ सका है।

बैठक अच्छी और सकारात्मक रही- एकनाथ शिंदे

इस बैठक को लेकर कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जानकारी देते हुए बताया कि 'बैठक अच्छी और सकारात्मक रही। यह पहली बैठक थी। हमने अमित शाह और जेपी नड्डा से चर्चा की। महायुति की एक और बैठक होगी। इस बैठक में फैसला लिया जाएगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा। बैठक मुंबई में होगी।'

आज की बैठक के बाद सीएम चेहरे पर लगेगी अंतिम मुहर!

जानकारी के मुताबिक, आज मुंबई में महायुति गठबंधन की एक और बैठक होनी है। इस बैठक में फैसला लिया जाएगा कि 'महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन होगा?' गठबंधन के नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र में दो दिसंबर तक नई सरकार के गठन की संभावना है।

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नई सरकार गठन में हम बाधा नहीं बनेंगे- शिंदे

इससे पहले एकनाथ शिंदे ने दोहराया कि शिंदे ने वह राज्य में सरकार गठन में बाधा नहीं बनेंगे। पीएम मोदी और अमित शाह जो भी फैसला लेंगे वह उन्हें मंजूर होगा। इससे महाराष्ट्र में नएमुख्यमंत्री के रूप में भाजपा के लिए अपने उम्मीदवार को चुनने का रास्ता साफ हो गया। शिंदे ने यह भी कहा कि 'यह 'लाडका भाऊ' (प्यारा भाई) दिल्ली आ गया है और 'लाडका भाऊ' पद मेरे लिए किसी भी अन्य चीज से अधिक है।’

खैर, राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा थी कि भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री पद पर फैसला लेने से पहले महाराष्ट्र में सामाजिक समीकरणों पर विचार करेगा। इससे भाजपा के भीतर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और मराठा समुदायों के नेताओं के लिए मुख्यमंत्री पद की दौड़ खुल गई।

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महाराष्ट्र में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी

बताते चलें कि बीजेपी नीत महायुति गठबंधन ने हाल में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में 288 सदस्यीय सदन में 230 सीट पर जीत दर्ज की और विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) को 46 सीट पर समेट दिया। भाजपा ने 132 सीट, शिवसेना ने 57 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 41 सीट जीतीं। वहीं एमवीए में शामिल शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीट, कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की राकांपा (एसपी) ने 10 सीट पर जीत दर्ज की।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड