उत्तर भारतीयों और गैर मराठी ऑटो-कैब ड्राइवरों को फडणवीस सरकार ने दी बड़ी राहत, मराठी सीखने के लिए 1 साल की दी मोहलत

मुंबई के ऑटो और टैक्सी चालकों को महाराष्ट्र सरकार की तरफ से राहत मिली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चालकों को राहत देते हुए बताया कि मराठी भाषा सीखने के लिए एक वर्ष का समय देने का फैसला लिया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Devendra Fadnavis
ऑटो-कैब ड्राइवरों को बड़ी राहत, मराठी सीखने के लिए 1 साल की मोहलत | Image: Devendra Fadnavis/X

महाराष्ट्र सरकार ने रिक्शा और टैक्सी चालकों को बड़ी राहत दी है। गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चालकों को राहत देते हुए बताया कि बोलचाल की मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत दी गई है। सरकार की तरफ से यह फैसला तब आया है, जब राज्य भर में इसे लेकर विरोध देखा गया। इस बीच सीएम ने बताया कि कई संस्थाओं के प्रमुख उनसे मिले थे, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि मुलाकात में चालकों ने समय की मांग की थी।

CM फडणवीस से मिले थे संस्थाओं के प्रमुख

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि आज ऑटो चालक और रिक्शा चालक संगठन के लोग मुझसे मिले। उन्होंने पहले तो इस बात का समर्थन किया है कि मुंबई में काम चलाऊ मराठी उनको सीखनी चाहिए। वो सभी सीखना चाहते हैं लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग उम्र के लोग इस व्यवसाय में हैं और कई लोगों ने बहुत पहले ही पढ़ाई छोड़ दी है।

इस वजह से इतने कम समय में उनके लिए मराठी सीखना कठिन है। उन्होंने काम चलाऊ मराठी सिखाने का एक बहुत वृहत प्लान तैयार किया है। उन्होंने यह मांग की है कि उन्हें इस काम के लिए एक साल का समय दिया जाए। राज्य सरकार ने उनकी बात को माना है और उन्हें एक साल का समय दिया जा रहा है। एक साल तक उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

ड्राइवर्स ने बॉम्बे HC का खटखटाया दरवाजा था

रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किए जाने को लेकर राज्य में लगातार विवाद बना हुआ है। राज्य सरकार द्वारा लागू इस नियम को लेकर मुंबई के प्रमुख कैब ड्राइवर्स ने मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार के फैसले को दूसरे राज्यों से आए  रिक्शा और टैक्सी चालकों के अधिकारों का उल्लंघन बताया था।

Advertisement

पहले एक महीने की मोहलत

राज्य में पहले यह नियम लागू था कि जिस चालक को नोटिस मिलता, उसे मराठी सीखने के लिए एक महीने का समय दिया जाता। समय रहते शर्त पूरी नहीं होने पर लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती थी, लेकिन अब चालकों को एक साल का समय मिला चुका है। 

ये भी पढ़ें: 'लोकसभा में राज्यवार सीटों की संख्या अगले 25 साल तक बरकरार रखें', कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने परिसीमन को लेकर PM मोदी को लिखी चिट्ठी

 

Advertisement
Published By:
 Sahitya Maurya
पब्लिश्ड