Mahakumbh: बसंत पंचमी पर तीसरा अमृत स्नान जारी, श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा

महाकुंभ-2025 का तीसरा अमृत स्नान बसंत पंचमी के अवसर पर सोमवार तड़के से शुरू हो गया, जिसमें अब तक करोड़ों लोग गंगा, यमुना, सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।

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Mahakumbh Amrit Snan
Mahakumbh: बसंत पंचमी पर तीसरा अमृत स्नान जारी, श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा | Image: PTI

महाकुंभ-2025 का तीसरा अमृत स्नान बसंत पंचमी के अवसर पर सोमवार तड़के से शुरू हो गया, जिसमें अब तक करोड़ों लोग गंगा, यमुना, सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक 1.25 करोड़ से अधिक लोगों ने आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।

हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा 

मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘संगम घाट पर नागा साधु संतों और आम श्रद्धालुओं के स्नान के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। हर कोई अमृत स्नान का अलौकिक आनंद ले रहा है और चारों ओर हर हर गंगे का घोष सुनाई दे रहा है।’’ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘महाकुंभ में मां गंगा, यमुना और सरस्वती की दिव्य धाराओं में पवित्र अमृत स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई।’’

सूचना निदेशक शिशिर सिंह ने बताया कि योगी आदित्यनाथ लखनऊ में अपने आधिकारिक आवास पर प्रमुख सचिव (गृह) और डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) के साथ मिलकर तड़के साढ़े तीन बजे से ही महाकुंभ में स्नान संबंधी व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अमृत स्नान निर्विघ्न रूप से जारी है और संन्यासी अखाड़ों के साथु संतों का अमृत स्नान संपन्न होने के साथ अब बैरागी अखाड़े घाट पर पहुंच रहे हैं।

क्रम में सबसे पहले संन्यासी अखाड़ों में महानिर्वाणी और अटल अखाड़े के साधु संतों और पीठाधीश्वर ने संगम घाट पर पहुंचकर स्नान किया। इसके बाद, निरंजनी और आनंद अखाड़ा और जूना एवं आवाहन अखाड़ा के साधु संतों ने अमृत स्नान किया। मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के दौरान मची भगदड़ की घटना के बाद यह अमृत स्नान हो रहा है। मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी तथा 60 लोग घायल हो गए थे।

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संगम तट पर भीड़ से बचने के लिए बहुत से लोग दारागंज में बने पक्के घाट दशाश्वमेध घाट पर स्नान के लिए जुटे हैं। इस घाट पर स्नान करने रायपुर से आईं राम प्यारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘गंगा स्नान करना महत्वपूर्ण है। इसलिए हमने भारी भीड़ के कारण संगम जाने के बजाय यहां स्नान करना ठीक समझा।’’

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को दोपहर 12 बजे तक 1.25 करोड़ से अधिक लोगों ने डुबकी लगाई, जबकि 13 जनवरी से अब तक करीब 35 करोड़ लोग गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं। सरकार का अनुमान है कि सोमवार को पांच करोड़ लोग स्नान करेंगे।

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अधिकारियों ने बताया कि बसंत पंचमी पर मां सरस्वती का ध्यान कर 10 लाख कल्पवासियों ने भी गंगा और संगम में डुबकी लगाई। महाकुंभ में 10 लाख से अधिक कल्पवासी महाकुंभ क्षेत्र में कल्पवास कर रहे हैं और आगामी माघी पूर्णिमा के स्नान के साथ उनका एक माह का कल्पवास पूरा होगा और वे अपने गंतव्य को रवाना होंगे।

महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान पर्व बसंत पंचमी पर मेला प्रशासन और पुलिस को ‘‘शून्य त्रुटि’’ के साथ सकुशल स्नान संपन्न कराने के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर स्वयं मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को देख रहे हैं।

पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी पुलिस) (महाकुंभ) वैभव कृष्ण ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया कि 29 जनवरी की घटना के मद्देनजर अधिक भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। आज सबकुछ सुचारू ढंग से जारी है।

सरकार ने बसंत पंचमी पर ‘ऑपरेशन इलेवन’ से भीड़ प्रबंधन की योजना बनाई है। सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से सोमवार को एकल मार्ग की व्यवस्था लागू रहेगी। वहीं, त्रिवेणी के घाटों पर अत्यधिक दबाव रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाए गए हैं।

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By:
 Garima Garg
पब्लिश्ड