माफिया मुख्तार की मौत के बाद UP पुलिस की निगरानी सख्त, अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी जारी
माफिया मुख्तार की मौत के बाद यूपी पुलिस हाई अलर्ट पर है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस गश्त लगा रही है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी नजर है।
- भारत
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उत्तर प्रदेश के मशहूर माफिया अका राजनेता मुख्तार अंसारी की हार्ट अटैक से मौत के बाद यूपी पुलिस हाई अलर्ट पर है। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किए गए हैं। इस बीच पुलिस की उन लोगों पर खास नजर बनी हुई है, जो अफवाहें फैलाकर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करते रहते हैं।
पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यूपी के पूर्व डीजीपी ओपी सिंह ने कहा, राज्य में कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं और हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। खासकर गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर और वाराणसी जैसे इलाकों में पुलिस सड़कों पर गश्त कर रही है और लोगों को शांति बनाए रखने के साथ-साथ अफवाहें न फैलाने के लिए कह रही है।
मौत पर सियासत को लेकर पूर्व डीजीपी का जवाब
माफिया की मौत के बाद से विपक्ष इसपर भी सियासत करने में लगा हुआ है। वहीं माफिया के परिजनों का कहना है कि मुख्तार अंसारी की हत्या हुई है। अब इसे लेकर पूर्व डीजीपी ने कहा कि जब मुख्तार अंसारी पंजाब जेल में बंद थे, तो उन्होंने मेडिकल पर ऐसे कई आवेदन दिए थे ताकि उन्हें यूपी की अदालतों में पेश न होना पड़े। आवेदन में उन्होंने कहा कि वह हमेशा स्वस्थ नहीं रहते हैं और लंबे समय से बीमार हैं। यह आरोप लगाना कि उन्हें जहर दिया गया, बिल्कुल बेबुनियाद आरोप है। पोस्टमॉर्टम होने के बाद स्थिति बिल्कुल स्पष्ट हो जाएगी। UP के पूर्व डीजीपी ने कहा कि मुख्तार अंसारी एक अपराधी, डॉन और माफिया था और उसकी मौत के बारे में बड़े पैमाने पर नहीं सोचा जाना चाहिए।
शोक व्यक्त करने अंसारी के घर पहुंच रहे लोग
मुख्तार अंसारी की मौत की खबर जब से सामने आई है, तब से ही गाजीपुर पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है। जिले भर में पर्याप्त पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है। एमसीसी लागू है और कहीं भी भीड़ नहीं है। लोग अंसारी के आवास पर अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए आ रहे हैं।