Karur stampede: करूर भगदड़ की जांच नहीं करेगी CBI, मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; SIT को सौंपा जांच का जिम्मा

मद्रास उच्च न्यायालय ने करूर भगदड़ की जांच CBI से कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट का जिम्मा SIT को सौंपा है।

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CBI will not investigate Karur stampede
करूर भगदड़ की जांच नहीं करेगी CBI | Image: X

तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की रैली में हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना की जांच CBI से कराने की मांग की गई थी। इसे लेकर मद्रास हाई कोर्ट में डीएमएसके प्रमुख और अधिवक्ता एमएल रवि ने जनहित याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर आज, 3 अक्टूबर को सुनवाई हुई। मद्रास HC इस याचिका को खारिज कर दिया।


मद्रास हाईकोर्ट ने करूर भगदड़ मामले में CBI जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।  शुक्रवार को सुनवाई के दौरान मदुरै बेंच के जस्टिस धंदापानी ने कहा कि याचिकाकर्ता का किसी पीड़ित से कोई संबंध नहीं है। हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि भविष्य में राजमार्गों के पास कोई भी सार्वजनिक रैली आयोजित नहीं की जाएगी। कोर्ट ने भगदड़ की जांच का जिम्मा SIT को सौंपा है।

मद्रास HC ने SIT को सौंपा करूर भगदड़ की जांच का  जिम्मा

मद्रास उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि घटना की जांच के लिए I.G. (उत्तर) असरा गर्ग के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। करूर पुलिस को सभी संबंधित दस्तावेज तुरंत SIT को सौंपने का निर्देश दिया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एम धंदापानी और न्यायमूर्ति एम जोतिरमन ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट को 'राजनीति का अखाड़ा न बनाएं'।

CBI जांच की मांग कोर्ट ने किया खारिज

मद्रास हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता रवि को फटकार लगाते हुए कहा कि रवि एक राजनेता हैं, पीड़ित नहीं और किसी पीड़ित से भी उनका कोई संबंध नहीं है। ऐसे में 'कोर्ट को राजनीति का अखाड़ा' बनाने की कोई जरूरत नहीं है। करूर पुलिस की जांच अभी शुरुआती फेज में है। अब उत्तर क्षेत्र के आईजी असरा गर्ग के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। जो मामले की जांच करेगी। इसके साथ ही कोर्ट ने रैली आयोजकों को पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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करूर में क्या हुआ था?

बता दें कि 27 सितंबर को करूर में विजय की पार्टी TVK की रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी जिसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 तक पहुंच गई। मृतकों में 10 बच्चे (5 लड़के और 5 लड़कियां), 17 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल हैं। करीब 100 से अधिक लोग भगदड़ में घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। शुरुआत में इस मामले की जांच करूर के पुलिस उपाधीक्षक सेल्वराज कर रहे थे, लेकिन बाद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेमानंद को उच्च-स्तरीय जांच का जिम्मा सौंपा गया है। अब मद्रास हाई कोर्ट ने जांच का जिम्मा SIT को सौंप दिया है।
 

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड