'घर वालों ने तय कर दी शादी तो दोस्त के साथ मिल बनाया प्लान, जहां CCTV नहीं था वहीं ट्रेन से हुई फरार', अर्चना तिवारी मामले में बड़ा खुलासा
Archana Tiwari Case: पुलिस ने आगे बताया कि इसके बाद, जोकचंद और सिंह की मदद से, वह इटारसी रेलवे स्टेशन के बाहरी इलाके में, जहां सीसीटीवी नहीं था, ट्रेन से उतर गईं और शुजालपुर, इंदौर और हैदराबाद गईं। फिर वह दिल्ली चली गईं और वहां से नेपाल पहुंचकर काठमांडू में रह रही थीं।
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Archana Tiwari Case: मध्य प्रदेश के इंदौर से कटनी जाते समय नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से रहस्यमयी तरीके से अर्चना तिवारी के गायब होने की खबर ने तूल पकड़ लिया था। अब इस मामले में पुलिस को एक बड़ा सुराग ही नहीं मिला है बल्कि पुलिस को इस मामले में एक नया मोड़ भी मिल गया है। जी हां, आखिरकार 12 दिनों बाद भोपाल की रानी कमलापति थाना जीआरपी ने अर्चना तिवारी को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में नेपाल सीमा से बरामद कर लिया है।
29 वर्षीय अर्चना तिवारी, वकालत के साथ-साथ सिविल जज की तैयारी कर रही थीं। अब इस केस में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। GRP पुलिस ने बताया कि गायब होने का यह पूरा प्लान अर्चना का ही था। जांच में यह भी बात सामने आई है कि अर्चना के घर वाले उनकी शादी की तैयारी कर रहे थे और उनपर शादी करने की जोर डाल रहे थे। तब अर्चना ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर भागने का यह प्लान बनाया था।
परिवार वाले उन पर शादी का दबाव बना रहे थे। - पुलिस अधिकारी
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, जीआरपी के पुलिस अधीक्षक (SP) राहुल लोढ़ा ने कहा, "महिला अर्चना तिवारी 7 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस के कोच बी 3 की बर्थ नंबर 3 पर यात्रा कर रही थी और गुमशुदगी की शिकायत के बाद उन्हें खोजने के प्रयास किए जा रहे थे। लगभग 10-12 दिनों के प्रयासों के बाद, उन्हें बुधवार को नेपाल सीमा से बरामद किया गया।"
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कटनी जिले की रहने वाली तिवारी ने अपने गृह जिले से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और दो साल तक जबलपुर में वकालत की। पिछले एक साल से वह इंदौर में वकालत कर रही हैं और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में वकील और सिविल जज बनने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इस बीच, उनके परिवार वाले उन पर शादी का दबाव बना रहे थे।
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दोस्तों के साथ बनाई भागने का प्लान
पुलिस अधिकारी ने बताया, "घटना वाले दिन से पहले, महिला के परिवार वालों ने उसकी शादी तय कर दी थी और उसका अपने परिवार वालों से झगड़ा हुआ था। परिवार वालों ने उसे चेतावनी दी थी कि वह अपनी वकालत की पढ़ाई छोड़कर शादी कर ले। वह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती थी। इसके बाद अर्चना ने अपने एक दोस्त सारांश जोकचंद (26), शुजालपुर निवासी और तजेंद्र सिंह से बात की और भागने की योजना बनाई।"
पुलिस ने आगे बताया कि इसके बाद, जोकचंद और सिंह की मदद से, वह इटारसी रेलवे स्टेशन के बाहरी इलाके में, जहां सीसीटीवी नहीं था, ट्रेन से उतर गईं और शुजालपुर, इंदौर और हैदराबाद गईं। फिर वह दिल्ली चली गईं और वहां से नेपाल पहुंचकर काठमांडू में रह रही थीं। उन्होंने बताया कि बाद में, जब पुलिस ने सारांश व जोकचंद को पकड़ा, तो पूरी घटना का खुलासा हुआ। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने महिला से संपर्क किया और उसे बुधवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में नेपाल सीमा पर लाया गया, फिर दिल्ली और भोपाल लाया गया।