12वीं में सप्लीमेंट्री आने पर छात्र ने की आत्महत्या, अगले दिन पोते के गम में दादी की भी मौत; शिवपुरी में 24 घंटे में एक ही घर से उठीं दो अर्थियां
Shivpuri Student Suicide: शिपपुरी में CBSE 12वीं परीक्षा में सप्लीमेंट्री आने से आहत एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस सदमे को उसकी दादी भी बर्दाश्त नहीं कर सकीं और अगले ही दिन हार्ट अटैक से उनकी भी मौत हो गई।
- भारत
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Shivpuri Student Suicide: मध्यप्रदेश के शिपपुरी से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां CBSE 12वीं परीक्षा में सप्लीमेंट्री आने से आहत एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस सदमे को उसकी दादी भी बर्दाश्त नहीं कर सकीं और अगले ही दिन हार्ट अटैक से उनकी भी मौत हो गई। महज 24 घंटे के भीतर एक ही परिवार से दो मौतों ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया।
सप्लीमेंट्री आने के बाद टूट गया छात्र
जानकारी के मुताबिक, देहात थाना क्षेत्र के छोटे लुहारपुरा निवासी 18 वर्षीय आर्यमन सिंह सिसोदिया ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि CBSE 12वीं के रिजल्ट में सप्लीमेंट्री आने के बाद वह काफी परेशान था। परिवार वालों के अनुसार, रिजल्ट आने के बाद से ही वह तनाव में था और खुद को असफल मान बैठा। इसी मानसिक दबाव में उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पोते के गम में दादी ने भी तोड़ा दम
आर्यमन की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सबसे ज्यादा सदमे में उसकी दादी थीं। बताया जा रहा है कि पोते का शव देखने के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गुरुवार देर शाम उनकी भी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक हार्ट अटैक की वजह से उन्होंने दम तोड़ा।
मानसिक दबाव को गंभीरता से लें
यह घटना एक बार फिर परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को उजागर कर रही है। एक्सपर्ट्स हमेशा बताते हैं कि बच्चों के फेल होने पर या किसी परीक्षा में असफल होने पर कभी भी उनपर मानसिक दबाव नहीं बनाना चाहिए और न हीं उनका साथ छोड़ना चाहिए।
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यहां तक कि उन पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि किसी परीक्षा में असफलता जिंदगी का अंत नहीं होती। परिजनों और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों से लगातार बातचीत करें और रिजल्ट को लेकर उन पर जरूरत से ज्यादा दबाव न बनाएं।