BREAKING: ट्विशा शर्मा मामले में बड़ा अपडेट, सास गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई के बाद HC ने सुरक्षित रखा फैसला

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने पर सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। राज्य सरकार और ट्विशा के पिता की याचिका पर सुनवाई हुई।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Mother-in-law of victim and retired judge Giribala Singh on Twisha Sharma death case
गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने की याचिका पर फैसला सुरक्षित | Image: Republic

ट्विशा शर्मा संदिग्ध मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आज रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में काफी चर्चा और सार्वजनिक आक्रोश के बीच राज्य सरकार और ट्विशा शर्मा के पिता दोनों की तरफ से याचिकाएं दायर की गई थीं।

मॉडल ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपनी ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर चोटों के निशान मिले थे। ट्विशा के परिवार ने दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का ससुराल वालों पर आरोप लगाया है।

इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां, रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज गिरीबाला सिंह मुख्य आरोपी हैं। गिरीबाला सिंह को 15 मई को भोपाल सेशंस कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी, जिसके खिलाफ राज्य सरकार और ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

हाईकोर्ट में क्या हुआ?

ट्विशा के वकील ने बताया कि कोर्ट में 3 घंटे लंबी सुनवाई चली है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (जबलपुर) में सिंगल बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से दलीलें रखीं। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गिरीबाला सिंह ने जांच में सहयोग नहीं किया। व्हाट्सएप चैट्स में ट्विशा ने अपनी सास और पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। निचली अदालत ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज करते हुए जमानत दी थी।

Advertisement

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। फैसला के आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत बरकरार रहेगी या रद्द हो जाएगी।

CBI की भूमिका

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। CBI टीम मौके पर पहुंच चुकी है और सबूतों की जांच, कॉल रिकॉर्ड्स, CCTV फुटेज आदि की जांच कर रही है।

Advertisement

यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें एक रिटायर्ड जज और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगे हैं। जनता इस मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और तेज जांच की मांग कर रही है।

ये भी पढ़ें: West Bengal: बंगाल चुनाव में हारते ही ममता बनर्जी को झटके पे झटका, अब सांसद काकोली घोष ने TMC में सभी पदों से दिया इस्तीफा

Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड