MP: सिलेंडर की किल्लत के बीच इस रेस्टोरेंट ने निकाला अनोखा समाधान, इंडक्शन से बचाई लाज; बोले- 'हम किसी को भूखा नहीं जाने देंगे'

मध्य प्रदेश में LPG की कमी से रेस्टोरेंट्स बंद होने के कगार पर आ गए हैं। इस बीच सागर गैरे रेस्टोरेंट ने अनोखा समाधान निकलाते हुए अपनी सभी ब्रांच में 60 प्रतिशत तक इंडक्शन लगा दिए हैं। उन्होंने ग्राहकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझी और कहा कि हम किसी को भूखा नहीं जाने देंगे। पढ़ें पूरी खबर

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 Commercial cylinder crisis Induction cooking shift
सिलेंडर की किल्लत के बीच इडक्शन पर खाना बनाने की पहल | Image: Representative- ANI / Freepik

Commercial cylinder crisis: मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भारत में कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित करके रख दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग बाधित होने से गैस की कमी हो गई है। घरेलू सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से ठप है। मध्य प्रदेश में पिछले 2 दिनों से होटल और रेस्टोरेंट्स को गैस नहीं मिल रही। कई जगह रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं, कई कारोबारी रेस्टोरेंट बंद करने की बात कह रहे हैं।

'सागर गैरे' ने निकाला अनोखा समाधान

मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी फास्ट फूड चेन 'सागर गैरे' ने इस संकट से निपटने के लिए इंडक्शन कुकिंग को अपनाया है। भोपाल सहित प्रदेश में इसकी करीब 35 ब्रांच हैं। चेन के मालिक डोलराज गैरे ने कहा कि 'हम समस्याओं का समाधान निकाल रहे हैं। कोरोना ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। हम लाभ-हानि नहीं देखेंगे, रेस्टोरेंट बंद नहीं करेंगे।'

हम किसी को भूखा नहीं जाने देंगे- डोलराज गैरे

डोलराज गैरे ने बताया कि फिलहाल 60 प्रतिशत काम इंडक्शन पर शिफ्ट हो चुका है और आने वाले दिनों में इसे 80-90 फीसदी तक बढ़ाया जाएगा, हमारी प्राथमिकता ग्राहक हैं, हम किसी को भूखा नहीं जाने देंगे। डोलराज गैरे ने कहा कि- 'रेस्टोरेंट के किचन में इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे ऑपरेशन सुचारू चल रहा है।

देशभर में सैंकड़ों रेस्टोरेंट प्रभावित

यह समस्या सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और गुरुग्राम में सैकड़ों रेस्टोरेंट इस वक्त सिलेंडर की कमी का सामना कर रहे हैं। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर ऑर्डर लेने में दिक्कत आ रही है, जिससे गिग वर्कर्स की कमाई पर प्रभाव पड़ेगा। अगर सप्लाई जल्द नहीं सुधरी तो 50-60 प्रतिशत रेस्टोरेंट्स बंद हो सकते हैं। फिलहाल सरकार घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन कमर्शियल सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित है। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
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