'सुहाना सफर है और मौसम हसीं... और इसके आगे क्या?', अंताक्षरी खेलते हुए बीच में लिरिक्स भूल गए Jyotiraditya Scindia, शेयर किया Video

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर-गुना-बेंगलुरु एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और खुद यात्रियों संग सफर कर उनके साथ अंताक्षरी खेल यात्रियों का दिल जीत लिया।

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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर को बहुत बड़ी सौगात दी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर से सीधे बेंगलुरु के लिए ट्रेन को हरी झंडी दिखादी है। उन्होंने ग्वालियर रेलवे स्टेशन से साप्ताहिक एक्सप्रेस ग्वालियर-एसएमवीटी बेंगलुरु ट्रेन नंबर 11085/86 को रवाना किया।

ग्वालियर से सीधे बेंगलुरु के लिए शुरू हुई ग्वालियर-गुना-बेंगलुरु एक्सप्रेस ट्रेन पहली रेल सेवा है। इस ट्रेन की शुरुआत से ग्वालियर-चंबल के युवाओं और नौकरीपेशा लोगों को अपने उद्योग-धंधे और व्यवसाय से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा। इस मौके पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इससे ग्वालियर-चंबल के विकास और समृद्धि को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने ग्वालियर-गुना-बेंगलुरु एक्सप्रेस ट्रेन को झमाझम बारिश में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खेली अंताक्षरी

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ खुद भी ट्रेन में सवार हो गए। उन्होंने जनरल कोच में यात्रा कर रहे यात्रियों से बात की और फोटो खिंचाए। इसी दौरान उन्होंने ग्वालियर-बेंगलुरु एक्सप्रेस में यात्रियों और पत्रकार साथियों संग अंताक्षरी खेली भी खेली। जब वो 1958 में आई फिल्म मधुमती का गाना 'सुहाना सफर और ये मौसम हसीं…' गा रहे थे, तो बीच में गाने के बोल भूल गए। उन्होंने इसका वीडियो खुद शेयर किया है।

हरी झंडी दिखाने के बाद ग्वालियर से रवाना हुई ट्रेन 28 जून की सुबह शिवपुरी,गुना,अशोकनगर होते हुए बेंगलुरु पहुंचेगी। करीब 30 घंटे में अपना सफर पूरा करने वाली ये ट्रेन ग्वालियर से चलने के बाद शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, बीना, विदिशा और भोपाल में रुकेगी। 22 कोच की इस ट्रेन में स्लीपर, एसी, जनरल और इकोनॉमी क्लास के कोच शामिल हैं। पहले बेंगलुरु पहुंचने में कुल 36 घंटे लगते थे और कोटा या भोपाल जाने के लिए 8 घंटे का सफर तय करना पड़ता था। 

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड