'चाहे केंद्र हो या राज्य भ्रष्टाचार...', दतिया उपचुनाव में कैसे मिली कांग्रेस को जीत, घनश्याम सिंह ने बताया BJP की हार का सबसे बड़ा फैक्टर

दतिया उपचुनाव में अपनी जीत पर कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह ने कहा, जनता BJP के भ्रष्टाचार से परेशान हो गई थी। दतिया ने बदलाव के लिए कांग्रेस पर भरोसा किया।

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Datia By-election 2026 Narottam Mishra denied ticket Congress fields Ghanshyam Singh
कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह | Image: Facebook

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे में बड़ा उल्टफेर देखने को मिला। कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बड़ी जीत दर्ज कर BJP को बड़ा झटका दिया। घनश्याम सिंह को 66,757 वोट से विजयी हुए, जबकि BJP प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट मिले। कांटे की टक्कर के बाद कांग्रेस ने बाजी मार ली। अब अपनी जीत और BJP की हार पर घनश्याम सिंह की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने बताया है कि किन-किन फैक्टर की वजह से दतिया की जनता ने इस बदलाव को चुना है।

दतिया उपचुनाव में अपनी जीत पर कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह ने कहा,"भाजपा के शासन से लोग नाराज हैं। चाहे केंद्र हो या राज्य हो भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है। आम जनता की सुनी नहीं जा रही। केवल बड़े व्यापारियों के लिए सरकार काम कर रही है। किसान परेशान है। खाद नहीं मिल रही है। खाद की कीमतें बढ़ गई। पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। हर चीज महंगी है, युवाओं के साथ बहुत धोखा किया गया है।"

घनश्याम सिंह ने बताया कैसे मिली जीत

घनश्याम सिंह ने आगे कहा, ‘युवाओं के लिए रोजगार के साधन नहीं है, पेपर लीक के नाम पर ठगी की जा रही है। महिलाओं के लिए कोई कार्यक्रम नहीं है। लाडली बहना योजना में भी अब कुछ नहीं बचा है। पात्र महिलाओं की संख्या लागतार घटाई जा रही है। दतिया में नशीले पर्दाृथों का व्यापार बढ़ गया। एक सबसे बड़ा कारण जो मेरा मानना है, मैं दतिया में दो बार विधायक फिर लंबे समय तक करीब 18 साल तक सेवढ़ा विधानसभा में राजनीति की। मेरे वहां के काम और पुराने अनुभव को देखते हुए जनता ने मुझ पर भरोसा जताया।’

आशुतोष तिवारी को मैदान में उताराना पड़ा भारी

बता दें कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी में था। भारतीय जनता पार्टी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दरकिनार करते हुए पहली बार आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है। नरोत्तम मिश्रा लगातार तीन बार इस सीट से सांसद रहे थे। मिश्रा ने 2008 से 2018 तक लगातार तीन बार दतिया का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन 2023 में सीट गंवानी पड़ी थी। ऐसे में अब बीजेपी की यह हार मोहन यादव सरकार की बड़ी हार मानी जा रही है।

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Published By:
 Rupam Kumari
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