अपडेटेड 16 March 2026 at 14:57 IST
LPG Crisis: ऊर्जा संकट के बीच देशवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी, गैस से भरा जहाज 'शिवालिक' पहुंचने वाला है मुंद्रा पोर्ट; मिलेगी बड़ी राहत
LPG Crisis: ईरान ने भारतीय ध्वज वाले कई जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकलने की अनुमति दी है। कई जहाज इसे पार भी कर गए हैं। शिवालिक के बाद दो और जहाज जल्द भारत पहुंचेंगे।
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LPG Crisis: युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से दुनियाभर में कच्चे तेल को लेकर हाहाकार मचा है। भारत में भी एलपीजी को लेकर संकट बना हुआ है। इस बीच एक राहत भरी खबर आई है। दरअसल, एलपीजी गैस से भरा एक जहाज 'शिवालिक' भारत पहुंचने वाला है। जहाज आज, 16 जनवरी को दोपहर 3 बजे के आसपास गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच सकता है।
अमेरिका और इजरायल के साथ जारी जंग के बीच ईरान ने भारतीय ध्वज वाले कई जहाजों को सुरक्षित निकलने की अनुमति दी है। कुछ जहाज होर्मुज को पार कर भारत की ओर बढ़ चुके हैं।
थोड़ी देर में गुजरात पहुंचेगा ‘शिवालिक’
ताजा अपडेट 'शिवालिक' जहाज को लेकर मिली है। 14 मार्च को जहाज ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया था। 'शिवालिक' भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुआ है और अब इसे देश के पश्चिमी तट के पास ट्रैक किया गया है। इसके दोपहर 3 बजे तक मुंद्रा पोर्ट पहुंचने का अनुमान है।
जानकारी के अनुसार 'शिवालिक' जहाज पर करीब 40 हजार से 50 हजार मीट्रिक टन के बीच एलपीजी भारत आएगी। इसकी क्षमता करीब 54,000 मीट्रिक टन बताई जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर दिन 55,000 मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी का इस्तेमाल होता है।
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कल ‘नंदा देवी’ जहाज भी पहुंचेगा कांडला बंदरगाह
'शिवालिक' के साथ 14 मार्च को 'नंदा देवी' ने भी 14 मार्च को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया था। यह 46,000 मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी लेकर भारत आ रहा है। इसके मंगलवार, 17 मार्च तक कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है।
इतना ही नहीं, इस बीच एक अन्य भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर 'जग लाडकी' भी संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से भारत के लिए रवाना हो चुका है। इस पर करीब 80,800 टन कच्चा तेल भरा हुआ है।
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LPG संकट के बीच एक्टिव है सरकार
अमेरिका और ईरान में जंग जारी है और इससे मिडिल ईस्ट में तनाव भी चरम पर पहुंच चुकी है। इस बीच . स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से कई देश प्रभावित हुए हैं। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60% आयात करता है, जिसमें 85-90% हिस्सा इसी मार्ग से आता है। इससे घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई में भारी कमी आई है।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और चेन्नई में लंबी कतारें लग रही हैं, होटल-रेस्टोरेंटों पर असर पड़ सकता है और सिलेंडरों की कालाबाजारी भी हो रही है। संकट को देखते हुए सरकार की ओर से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 16 March 2026 at 14:57 IST