LPG Crisis: '13 मार्च को 89 लाख बुकिंग हुई, जो कल 70 लाख तक...', अब LPG को लेकर देश में पैनिक है या नहीं? पेट्रोलियम मंत्रालय ने किया खुलासा
LPG Crisis: सरकार ने मंगलवार को कहा कि पूरे देश में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी बताया कि गैस को लेकर अब देश में पैनिक है या नहीं।
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LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर की वजह से भारत में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी ने हालात को गंभीर बना दिया है। कई शहरों में होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक इकाइयां परेशान हैं, जहां गैस न मिलने से ऑपरेशंस प्रभावित हो रहे हैं।
इस बीच पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की तरफ से प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि देश में 13 मार्च को 89 लाख बुकिंग हुई, जो कल 70 लाख तक रही। इसके अलावा, पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा लगभग 94 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो रही है।
89 से घटकर 70 लाख तक बुकिंग हुई-सुजाता शर्मा
मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा ' 13 मार्च को लगभग 89 लाख बुकिंग हुई थी, जो अब घटकर 70 लाख के करीब आ गई है। इसके बाद उन्होंने कहा अफवाहों से बचना होगा और ऑनलाइन बुकिंग करें। ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से ग्राहकों को उनके घर तक गैस सिलेंडर आसानी से पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा अगर गैस के अलावा अतिरिक्त यानी PNG या इंडक्शन इस्तेमाल कर सकते हैं, तो कीजिए।
LPG के संबंध में स्थिति अभी भी चिंताजनक है
मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सुजाता शर्मा ने कहा 'LPG के संबंध में स्थिति अभी भी चिंताजनक है। किसी भी LPG वितरक पर कमी नहीं है। इसके अलावा सिलेंडर का वितरण सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले की तरह ही हो रही है। ऑनलाइन बुकिंग में बहुत सुधार हुआ है। लगभग 94% बुकिंग ऑनलाइन ही हो रही है।'
LPG ग्राहक हैं वे PNG पर शिफ्ट हों तो अच्छा होगा
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा, "भारत सरकार की कोशिश है कि जो भी वाणिज्यिक LPG ग्राहक हैं वे PNG पर शिफ्ट हों तो अच्छा होगा। इसी दिशा में भारत सरकार भी प्रयासरत है। गेल अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सभी CGD कंपनियों के साथ बैठक की। भारत सरकार ने कल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खत लिखा है कि जितनी भी पाइपलाइन बिछाने की अनुमति लंबित हैं उन्हें स्वीकृति दी जाए।