राजकोट अग्निकांड का मुख्य आरोपी धवल ठक्कर गिरफ्तार, 14 दिन की हिरासत में भेजे गए तीन आरोपी
Rajkot News: गिरफ्तार तीन आरोपियों को जिला अदालत में भी पेश किया गया था, जहां इनको 14 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।
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Rajkot TRP Game Zone Fire: शनिवार (25 मई) को गुजरात के राजकोट टीआरपी गेम जोन में हुए हादसे पर ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी धवल ठक्कर को अरेस्ट कर लिया है। राजस्थान के आबू रोड से ठक्कर की गिरफ्तारी हुई।
गेम जोन में आग लगने के बाद ठक्कर भाग गया था। इस बीच सोमवार को वह आबू रोड से पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बता दें कि गेमिंग जोन में लगी भीषण आग की वजह से 27 लोगों की मौत हुई थीं। मृतकों पर ज्यादातर बच्चे शामिल थे। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। अब इस मामले में धवल ठक्कर की चौथी गिरफ्तारी हुई है।
इन लोगों को बनाया गया आरोपी
इस मामले में धवल कॉरपोरेशन के मालिक धवल ठक्कर के अलावा रेसवे इंटरप्राइज के साझेदार अशोक सिंह जडेजा, किरितसिंह जडेजा, प्रकाशचंद हिरन, युवराजसिंह सोलंकी और राहुल राठौर को आरोपी बनाया है। पुलिस ने रविवार को युवराज सिंह सोलंकी और मनोरंजन स्थल के प्रबंधक नितिन जैन को अरेस्ट किया। इसके बाद सोमवार को ही राहुल राठौड़ की भी गिरफ्तारी हुई थीं।
14 दिन की कस्टडी में तीन आरोपी
वहीं, इससे पहले गिरफ्तार तीन आरोपियों को जिला अदालत में भी पेश किया गया था, जहां इनको 14 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।
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नहीं था फायर डिपार्टमेंट का NOC
बता दें कि टीआरपी गेमिंग जोन में शनिवार शाम को भीषण आग लगी थीं, जिसमें बच्चों समेत 27 लोगों की मौत हो गई। मामले में
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार गेम जोन बनाने के लिए मेटल शीट फैब्रिकेशन का उपयोग करके लगभग दो-तीन मंजिला ऊंचा, 50 मीटर चौड़ा और 60 मीटर लंबा ढांचा बना रखा था। इसमें यह भी कहा गया कि संचालकों के पास उचित अग्निशमन उपकरण नहीं थे और उन्होंने स्थानीय अग्निशमन विभाग से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं ले रखा था।
SIT टीम कर रही हादसे की जांच
राजकोट अग्निकांड मामले की जांच के लिए एसआईटी की एक टीम का भी गठन किया गया है। गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि सरकार द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (SIT) ने आगे की जांच के लिए ‘गेम जोन’ की सभी फाइल जब्त कर ली है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी मौजूदगी में एसआईटी ने सड़क एवं भवन निर्माण, पुलिस और राजकोट नगर निगम सहित विभिन्न विभागों से 2021 से 2024 तक की सभी संबद्ध फाइल जब्त की है। हम दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेंगे।’