ओलंपिक पदक विजेता विजेंद्र सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता महिपाल सिंह का निधन, X पर दी जानकारी

बीजिंग ओलंपिक 2008 में देश के लिए कांस्य पदक जीतने वाले मुक्केबाज विजेंदर सिंह के पिता महिपाल सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने X पर इसकी जानकारी दी है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Boxer Vijender's father Mahipal Singh passes away
ओलंपिक पदक विजेता विजेंद्र सिंह के पिता का निधन | Image: X/boxervijender

Vijender singh: ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह के पिता महिपाल सिंह का गुरुवार को निधन हो गया। पिछले कुछ हफ्तों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। विजेंदर सिंह सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर अपने पिता के निधन की जानकारी दी है। विजेंदर सिंह के पिता हरियाणा रोडवेज में ड्राइवर के तौर पर काम करते थे। महिपाल ने ओवरटाइम करके विजेंदर सिंह के सपने को पूरा किया।

बीजिंग ओलंपिक 2008 में देश के लिए कांस्य पदक जीतने वाले 39 वर्षीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार हरियाणा में उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। पिछले साल कांग्रेस से बीजेपी में में शामिल हुए विजेंदर ने अपने पिता के साथ एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘बहुत दुख के साथ अपने पिता महिपाल सिंह के निधन की सूचना दे रहा हूं। आज उनका स्वर्गवास हो गया। आपसे अनुरोध है कि उनके लिए प्रार्थना करें।’

बस ड्राइवर थे महिपाल सिंह

मुक्केबाज विजेंदर सिंह का जन्म 29 अक्तूबर, 1985 को हरियाणा के भिवानी में एक बेहद निम्न मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। विजेंदर सिंह को ओलंपिक पदक विजेता बनाने में उनके पिता की अहम भूमिका रही है। विजेंदर के पिता महिपाल सिंह हरियाणा रोडवेज में बस ड्राइवर थे और मां गृहणी हैं। कॉलेज के दिनों में मुक्केबाजी और कुश्ती का शौक रखने वाले विजेंदर सिंह के सपने को पूरा करने के लिए उनके पिता ओवरटाइम किया करते थे।

विजेंदर सिंह ने अपनी और पिता की मेहनत का मोल चुकाते हुए 2008 बीजिंग ओलंपिक में देश के लिए कांस्य पदक जीता था। इसके बाद उन्हें 2009 में राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित गया था। विजेंदर सिंह बॉक्सिंग में ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज हैं।

Advertisement

ये भी पढ़ें: शूटर मनु भाकर, चेस चैंपियन गुकेश सहित 4 खिलाड़ी होंगे खेल रत्न से सम्मानित, 17 जनवरी को मिलेगा पुरस्‍कार 

Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड