Ladakh Violence: लेह हिंसा में 4 मौत के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, सोनम वांगचुक गिरफ्तार; कल विदेश से फंडिंग वाला लाइसेंस हुआ था रद्द

Sonam Wangchuk Arrest: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने समेत अन्य मांगों को लेकर 10 सितंबर 2025 से सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे। बीते दिनों लेह में हुई हिंसा में 4 लोगों की मौत और 70 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद इन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया था।

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Sonam Wangchuk Arrest
Sonam Wangchuk Arrest | Image: Sonam Wangchuk/X/Social Media

Sonam Wangchuk Arrest: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने समेत अन्य मांगों को लेकर 10 सितंबर 2025 से सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे। बीते दिनों लेह में हुई हिंसा में 4 लोगों की मौत और 70 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद इन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया था।

अब पुलिस ने सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक के NGO के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया था। केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक के एनजीओ का एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था। एनजीओ पर आरोप है कि इन्होंने विदेशी फंडिंग से संबंधित कानून का 'बार-बार' उल्लंघन किया है। वहीं, इस मामले में सीबीआई जांच भी कर रही है। 

भाजपा कार्यालय, लेह स्वायत्त विकास परिषद में तोड़फोड़ और आगजनी 

10 सितंबर 2025 से सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे। इनके साथ कई लोग शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन कर ले थे। इस बीच उनके अनशन के 15वें दिन यानी बुधवार को लद्दाख के लेह में हिंसा भड़क गई। शांति वाले आंदोलन से अचानक हिंसा ने सभी को चौंका दिया। कई प्रदर्शनकारी खासकर के जेन जी और युवा हिंसक हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दिए। 

इस घटना में उपद्रवियों ने भाजपा कार्यालय, लेह स्वायत्त विकास परिषद में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। इतना ही नहीं, इन्होंने सुरक्षाकर्मियों के वाहनों में भी तोड़फोड़ की और उन्हें आग के हवाले कर दिया। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत और 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं। जिले में कर्फ्यू लागू है। वहीं, हिंसा के बाद सोनम ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था।

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एक तरह से जेन जी क्रांति, जो कि उनको सड़कों पर लाया - सोनम वांगचुक

हिंसा के बाद सोनम ने एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने बताया कि यहां अनशन पर बैठे दो लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। इससे लोगों में बहुत रोष जगा। 
सोनम ने आगे कहा, " 24 सितंबर को लेह में बंद की घोषणा की गई और फिर युवा पीढ़ी हजारों की संख्या में बाहर आ गए। कुछ लोग सोचते हैं कि ये हमारे समर्थक थे, मैं कहूंगा हमारे समर्थक से ज्यादा ये युवा पीढ़ी का भड़ास था। एक तरह से जेन जी क्रांति, जो कि उनको सड़कों पर लाया।"

हालांकि, सोनम ये यह अपील भी की है कि युवा पीढ़ी हिंसा के रास्ते पर न चलें। उन्होंने कहा - यह मेरे पांच साल की कोशिशों को नाकाम कर देता है। हिंसा हमारा रास्ता नहीं है। सोनम ने कहा, "मैं युवा पीढ़ी से हाथ जोड़कर कहता हूं कि हम शांति के रास्ते ही सरकार से कहें (अपनी बातें/मांगे)।"

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Published By:
 Amit Dubey
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