10 साल से जेल में बंद हैं लॉरेंस बिश्नोई, आतंकवाद-अपराध गिरोह का कैसे कर रहे संचालन? पूरी डिटेल

जेल में बंद 31 वर्षीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ बाबा सिद्दीकी की शनिवार रात मुंबई में सरेआम गोली मारकर हत्या के संबंध में दर्ज किया गया है।

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Lawrence Bishnoi gang has claimed responsibility of murder of NCP leader Baba Siddique
Lawrence Bishnoi gang has claimed responsibility of murder of NCP leader Baba Siddique | Image: ANI

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंगस्टर-आतंकवाद गठजोड़ की पैदाइश है। उसे राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल, पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी सहित कई चर्चित मामलों में नामजद किया है। जेल में बंद 31 वर्षीय गैंगस्टर के खिलाफ नवीनतम मामला महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता बाबा सिद्दीकी (66) की शनिवार रात मुंबई में सरेआम गोली मारकर हत्या के संबंध में दर्ज किया गया है। उसे मुख्य आरोपी माना जा रहा है।

एनआईए की बिश्नोई के आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की तमाम कोशिशों के बावजूद, वह कई राज्यों में विशेषकर उत्तरी और पश्चिमी भागों में अपने गुर्गों और शूटरों के एक बड़े नेटवर्क के माध्यम से अपनी आपराधिक साजिशों को अंजाम देना जारी रखे हुए है।

बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े गैंगस्टर-आतंकवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने के प्रयास में, एनआईए ने पिछले साल एक आतंकी मामले में बिश्नोई को नामजद किया था। इस संबंध में दाखिल आरोप पत्र में उसकी आपराधिक गतिविधियों और पाकिस्तान से हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थ की तस्करी का ब्योरा दिया गया है।

आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने दावा किया कि बिश्नोई के संवाद का माध्यम व्यापक है, जिससे गिरोह के सदस्यों, यहां तक ​​कि जेलों में बंद लोगों के बीच भी निर्बाध बातचीत संभव हो पाती है। एनआईए ने दावा किया था कि बिश्नोई कनाडा स्थित गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर जबरन वसूली का गिरोह चला रहा था। बराड़ के खालिस्तान समर्थक आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से घनिष्ठ संबंध हैं।

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बिश्नोई करीब एक दशक से जेल में बंद है लेकिन इस दौरान वह जिस जेल में भी रहा वहां से अपने आतंकवाद-अपराध गिरोह का संचालन करता रहा है। गोल्डी बराड़ नवंबर 2022 में फरीदकोट में डेरा सच्चा सौदा अनुयायी प्रदीप कुमार की हत्या का आरोपी है।

एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि लॉरेंस बिश्नोई आतंकवाद-अपराध-जबरन वसूली गिरोह मई 2023 में राज्य के मोहाली में पंजाब राज्य खुफिया मुख्यालय पर रॉकेट प्रक्षेपित हथगोले से हमले के लिए भी जिम्मेदार था और यह कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित बीकेआई आतंकवादी हरविंदर सिंह उर्फ ​​रिंदा के निर्देश पर किया गया था।

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एनआईए ने सितंबर 2022 में गुजरात पुलिस द्वारा लगभग 39 किलोग्राम हेरोइन जब्त करने से जुड़े एक अन्य मामले में भी बिश्नोई के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने बिश्नोई गिरोह के सदस्यों की चार संपत्तियां भी जब्त की हैं। इनमें से तीन अचल और एक चल संपत्ति है। इन्हें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के प्रावधानों के तहत हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में एनआईए की टीमों द्वारा समन्वित छापेमारी में जब्त किया गया।

सूत्रों ने बताया कि बिश्नोई गिरोह पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और झारखंड सहित कई राज्यों में सक्रिय है और हमेशा भोले-भाले युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करता रहता है।

Published By:
 Ritesh Kumar
पब्लिश्ड