सैन्य अधिकारी पर हमले, किसानों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पंजाब विधानसभा में हंगामा

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा अपनी सीट से उठे और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का ध्यान उस समय आकर्षित करने की कोशिश की।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Punjab Assembly
सैन्य अधिकारी पर हमले, किसानों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पंजाब विधानसभा में हंगामा | Image: PTI / Representative

पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों ने पुलिसकर्मियों द्वारा सेना के एक कर्नल और उनके बेटे पर कथित हमले तथा प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे को लेकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान इन मुद्दों को लेकर सदन से बहिर्गमन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा अपनी सीट से उठे और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का ध्यान उस समय आकर्षित करने की कोशिश की, जब वह सदन को संबोधित कर रहे थे।

इस दौरान उन्होंने राज्यपाल का ध्यान 13 मार्च को पटियाला में कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ और उनके 22 वर्षीय बेटे अंगद पर कथित हमले और खनौरी एवं शंभू सीमा चौकियों पर बुधवार को प्रदर्शनकारी किसानों पर की गई कार्रवाई की ओर दिलाया। इसकी वजह से राज्यपाल ने अपना संबोधन कुछ समय रोक दिया और फिर दोबारा अपनी बात कहनी शुरू की।

राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान बाजवा का माइक्रोफोन बंद था, इसलिए उनकी बातें कम ही सुनी जा सकीं। अन्य कांग्रेस विधायक भी काली पट्टियां बांध सदन में आए थे और वे भी अपनी सीटों से उठ खड़े हो गए। इसके बाद कांग्रेस विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने चले आए और आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार की आलोचना वाले संदेश लिखे थे।

बाद में शून्यकाल में कांग्रेस नेता बाजवा ने कथित हमले का मुद्दा फिर उठाया और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने इस मामले की जांच उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की भी मांग की। बाजवा ने पटियाला के एसएसपी नानक सिंह की भी आलोचना की तथा उन पर आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाने का आरोप लगाया।

Advertisement

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने किसानों को प्रदर्शन स्थल से हटाने का मुद्दा उठाते हुए पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। अयाली ने कहा, ‘‘किसानों के साथ अन्याय अस्वीकार्य है।’’ उन्होंने मांग की कि मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझाया जाए। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा ने उनके बयान पर सदन को गुमराह करने की कथित कोशिश करने के लिए कांग्रेस विधायक परगट सिंह को फटकार लगाई।

Advertisement

यह भी पढ़ेंः सुनीता विलियम्स: इतिहास रच देने वाली भारतीय मूल की अंतरिक्षयात्री

Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड