लॉरेन पॉवेल ने महाकुंभ में गुरु से दीक्षा ली, प्रयागराज से रवाना

प्रयागराज के महाकुंभ मेले में आकर सुर्खियों में छाईं स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने अपने गुरु और पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि से मंगलवार को दीक्षा ले ली।

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Laurene Powell Jobs visits Mahakumbh 2025
Laurene Powell Jobs visits Mahakumbh 2025 | Image: X

प्रयागराज के महाकुंभ मेले में आकर सुर्खियों में छाईं एप्पल के सह संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने अपने गुरु और पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि से मंगलवार को दीक्षा ले ली।

स्वामी कैलाशानंद गिरि के मीडिया सलाहकार शगुन त्यागी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, “लॉरेन पॉवेल जॉब्स को कल रात्रि में दीक्षा दी गई। गुरु जी ने लॉरेन पॉवेल को काली का बीज मंत्र दिया। दीक्षा में पॉवेल ने गुरु जी को दक्षिणा में जो भी दिया वह गुप्त है।”

उन्होंने बताया कि स्वामी जी के शिविर में आयोजित दीक्षा समारोह में गुरु जी के निजी सचिव अवंतिकानंद जी और लॉरेन पॉवेल जॉब्स के सचिव पीटर मौजूद थे। पॉवेल ने इस शिविर में तीन दिनों तक प्रवास किया। लॉरेन पॉवेल को गुरु ने कमला नाम दिया है।

बुधवार को अमृत स्नान करने संगम घाट पर पहुंचे निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ने बताया था कि, “सोमवार को भीड़ में रहने के कारण कमला को कुछ दिक्कत आई थी, इसलिए वह शिविर में ही रहीं। वह बहुत सहज और सरल हैं और सनातन धर्म को जानना चाहती हैं। वह गुरु के बारे में जानना चाहती हैं, उनके हजारों सवाल हैं जिसका उत्तर हमें देना होता है। उनके सभी प्रश्न सनातन से जुड़े हैं।”

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उल्लेखनीय है कि लॉरेन पॉवेल बुधवार को मकर संक्रांति पर अमृत स्नान में शामिल नहीं हुई थी। एप्पल के सह संस्थापक स्टीव जॉब्स की कंपनी ने पर्सनल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में क्रांति लाने का काम किया। उनके नेतृत्व में एप्पल दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक कंपनी बनी। स्टीव जॉब्स का वर्ष 2011 में निधन हो गया था।

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
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