BIG BREAKING: लैंड फॉर जॉब घोटाले में लालू परिवार को राहत, तेजस्वी-तेजप्रताप और लालू यादव को जमानत
लैंड फॉर जॉब घोटाले में लालू परिवार को राहत, तेजस्वी-तेजप्रताप और लालू यादव को जमानत
- भारत
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Land For Job Scam: लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में लालू प्रसाद यादव ( Lalu Prasad Yadav ) और उनके परिवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने इस मामले में लालू यादव उनके दो बेटों तेजस्वी यादव (Tejashvi Yadav) और तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) को जमानत दे दी है।
आरोपियों को जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा कि उन्हें बिना गिरफ्तार किए ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। इसलिए अदालत सभी को एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत देती है। सोमवार सुबह लालू अपने बेटों और सांसद बेटी मीसा भारती के साथ कोर्ट पहुंचे थे। सीबीआई वाले मुकदमे में लालू, राबड़ी देवी और मीसा भारती को पिछले ही साल जमानत मिल गई थी।
ईडी ने तेज प्रताप को नहीं बनाया था आरोपी
पूर्व रेल मंत्री लालू यादव, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव पर लोगों को सरकारी नौकरी देने के बादले जमीन लेने का आरोप है। ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेकर कोर्ट ने लालू यादव समेत अन्य नौ लोगों को कोर्ट में पेश होने का समन जारी किया था।
हालांकि, ईडी ने चार्जशीट में तेजप्रताप यादव को आरोपी नहीं बनाया था, लेकिन कोर्ट ने तेज प्रताप यादव को समन जारी करते हुए कहा था तेज प्रताप यादव भी लालू यादव परिवार के सदस्य हैं और मनी लांड्रिंग में इनकी भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम?
आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद देश के रेल मंत्री थे, उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर रेलवे में ग्रुप D की भर्ती में कई लोगों को जमीन के बदले नौकरी पर लगवाया। आरोप है कि राबड़ी देवी और उनकी बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव के नाम पर की गई डीड के जरिए ये जमीनें ट्रांसफर हुई हैं।
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सीबीआई ने दावा किया कि ऐसी नियुक्तियों के लिए कोई विज्ञापन या कोई सार्वजनिक नोटिस जारी नहीं किया गया था, फिर भी पटना के निवासी नियुक्त लोगों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में तमाम जोनल रेलवे में सब्सीट्यूट्स के रूप में नियुक्त किया गया।
इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी कर रही है। ईडी की ओर से दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को पेश होने का आदेश दिया था।