Lalit Modi: 'दो बड़े भगोड़े...', विजय माल्या के साथ VIDEO दिखाकर उड़ाया मजाक, मामले ने पकड़ा तूल तो ललित मोदी का यू-टर्न, जानिए क्या कहा
ललित मोदी ने विजय माल्या के साथ वायरल पार्टी वीडियो पर माफी मांगी है। वीडियो में दोनों खुद को 'भारत के सबसे बड़े भगोड़े' कह रहे थे, जिससे विवाद हुआ। ललित मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "अगर किसी की भावनाएं आहत हुईं, खासकर सरकार की, तो मैं क्षमा चाहता हूं।"
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Lalit Modi Apologise : भारत के भगोड़े और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर सार्वजिनिक माफी मांगी है। यह माफी उस वायरल वीडियो के बाद आई है, जिसमें वे भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के साथ पार्टी करते नजर आए थे। वीडियो में खुद को और माल्या को भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े बताया था।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ललित मोदी ने इंस्टाग्राम पर विजय माल्या के 70वें जन्मदिन की लंदन पार्टी का वीडियो शेयर किया। वीडियो में दोनों हंसते-मुस्कुराते दिखे और ललित मोदी ने कैप्शन में लिखा था, 'चलो भारत में फिर से इंटरनेट हिलाते हैं। हैप्पी बर्थडे माय फ्रेंड विजय माल्या।' इस पोस्ट का सोशल मीडिया पर जमकर विरोध हुआ था। कई लोगों ने इसे भारतीय न्याय व्यवस्था का मजाक उड़ाने जैसा बताया।
विदेश मंत्रालय का जवाब
वीडियो वायरल होने के बाद भारत सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि सरकार सभी भगोड़ों को भारत वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कई देशों के साथ बातचीत चल रही है।
अब भगोड़े के बदले सुर
अब ललित मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर माफी मांगते हुए अपनी सफाई दी है। उन्होंने लिखा, "अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, विशेष रूप से भारतीय सरकार की, जिसका मैं बहुत सम्मान करता हूं, तो मैं माफी मांगता हूं। बयान को गलत तरीके से समझा गया और इसका मतलब वैसा कभी नहीं था। एक बार फिर दिल से माफी।"
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ललित मोदी 2010 से भारत से बाहर हैं और उन पर मनी लॉन्ड्रिंग सहित कई वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। वहीं, विजय माल्या किंगफिशर एयरलाइंस के बाद 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे। उन पर बैंकों का करीब 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है और वे भी भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित हैं। 2025 की शुरुआत में भारतीय बैंकों ने लंदन कोर्ट में माल्या के खिलाफ दिवालिया आदेश को बनाए रखने में जीत हासिल की थी।
इस मामले ने एक बार फिर भगोड़े आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग महत्वपूर्ण है, लेकिन कानूनी प्रक्रियाएं लंबी चलती हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने ललित मोदी की माफी को दबाव का कारण माना।