नियति ने तय कर लिया था..., रामलला प्राण प्रतिष्ठा को लेकर लालकृष्ण आडवाणी का बयान
Ram Mandir प्राण प्रतिष्ठा को लेकर लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि 'नियति ने तय कर लिया था कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर जरूर बनेगा।'
- भारत
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Ram Mandir Inauguration: 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य समारोह होना है। तमाम अटकलों के बाद ये तय हो गया है कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालकृष्ण आडवाणी भी शामिल होंगे। राम मंदिर को लेकर लालकृष्ण आडवाणी ने शुक्रवार को एक बयान दिया है।
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- प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे आडवाणी
- क्या मुरली मनोहर जोशी भी होंगे शामिल?
जब राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर देश में आंदोलन चल रहा था, तो लालकृष्ण आडवाणी इसका प्रमुख चेहरा थे। एक बयान में उन्होंने कहा- 'नियति ने तय कर लिया था कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर जरूर बनेगा। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा करेंगे तब वे पूरे भार के हर नागरिक का प्रतिनिधित्व करेंगे। मेरी प्रार्थना है कि यह मंदिर सभी भारतीयों को श्रीराम के गुण अपनाने के लिये प्रेरित करेगा।'
प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे आडवाणी
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता आलोक कुमार ने गुरुवार को कहा कि राम मंदिर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले लालकृष्ण आडवाणी 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। अगर जरूरत पड़ी तो हम उनके लिए विशेष व्यवस्था करेंगे। बता दें, 96 साल के आडवाणी बीजेपी के संस्थापक सदस्य हैं और मुरली मनोहर जोशी के साथ उन्होंने 1990 के दशक की शुरुआत में राम मंदिर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई थी। जोशी भी भी के संस्थापक सदस्य हैं।
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क्या मुरली मनोहर जोशी भी होंगे शामिल?
बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे या नहीं, अभी यह स्पष्ट नहीं है। जोशी के बारे में आलोक कुमार ने कहा, उन्होंने भी कहा है कि वह इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आने की कोशिश करेंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट ने पिछले महीने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के अगुवा रहे आडवाणी और जोशी के अपने स्वास्थ्य और उम्र संबंधी कारणों के चलते अगले महीने होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं है।
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