‘भगवान राम ने नरेंद्र मोदी को चुना...मैं तो सिर्फ सारथी था’, प्राण प्रतिष्ठा से पहले बोले आडवाणी
राम लला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले आडवाणी ने अपनी भावनाएं व्यक्त की। राम मंदिर के लिए अपने प्रयासों का जिक्र करने के साथ ही पीएम मोदी की तारीफ की।

Advani On PM Modi: लालकृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले बड़ी बात कही है। देश के पूर्व डिप्टी पीएम ने कहा है कि मोदी को भगवान राम ने चुना, वे सिर्फ सारथी मात्र थे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्हें काफी शुरुआत में ही इस बात का एहसास हो गया था कि राम आंदोलन में वे तो सिर्फ एक सारथी थे।
खबर में आगे पढ़ें-
- आडवाणी बोले- और ये जन आंदोलन बन गया
- क्यों बोले भाजपा दिग्गज ये भावना से जुड़ा मामला?
- प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर क्या बोले आडवाणी?
'मोदी को भगवान राम ने चुना'
1992 में श्री राम जन्म भूमि को लेकर भाजपा की रथ यात्रा कई शहरों से होती हुई अयोध्या पहुंची थी। उन पलों को भी आडवाणी ने याद किया है। कहा है- आडवाणी ने जब इसे शुरू किया गया था, किसी को नहीं पता था कि ये एक जन आंदोलन बन जाएगा। आडवाणी ने उस यात्रा के दौरान पीएम मोदी की भूमिका को भी याद किया। उनका मानना है कि उस समय तो मोदी सिर्फ उनके एक सहायक थे। तब वे ज्यादा लोकप्रिय भी नहीं थे, लेकिन लगता है कि राम ने अपने अनन्य भक्त को उसी समय मंदिर जीर्णोद्धार के लिए चुन लिया था।
सुनाया एक किस्सा
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक आडवाणी ने रथ यात्रा के दौरान के कई किस्से भी शेयर किए। उन आम राम भक्तों की आकाक्षांओं के बारे में भी बताया जो जबरन अपनी आस्था को दबा कर बैठे थे। बताया- जब उनकी रथ यात्रा सुदूर गांव पहुंची, तो गांव के लोग भावुक हो गए... जोर-जोर से राम का जयकारा लगाने लगे...ये इस बात का संदेश था कि सभी चाहते थे कि भगवान राम का मंदिर बने, बस अपनी इच्छाएं दबाए बैठे थे।
प्राण प्रतिष्ठा का मिला न्योता
जिस राम मंदिर के लिए आडवाणी ने संघर्ष किया उसमें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा आखिरकार 22 जनवरी को होने जा रही है। न्योता उन्हें भी मिला है जिसे उन्होंने कंफर्म किया है। उन्होंने कहा है कि वो इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। साथ ही जोर देकर कहा है कि वो इस प्राण प्रतिष्ठा के लिए आतुर हैं। आडवाणी ने कहा- 'नियति ने तय कर लिया था कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर जरूर बनेगा। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा करेंगे तब वे पूरे भार के हर नागरिक का प्रतिनिधित्व करेंगे। मेरी प्रार्थना है कि यह मंदिर सभी भारतीयों को श्रीराम के गुण अपनाने के लिये प्रेरित करेगा।'