केंद्र सरकार की ओर से कुणाल कामरा को सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए: संजय राउत

शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ टिप्पणी को लेकर आलोचनाओं और जांच का सामना कर रहे स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा को भी केंद्र द्वारा उसी तरह सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए, जिस तरह 2020 में उसने अभिनेत्री कंगना रनौत को दी थी।

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Shivsena-UBT leader Sanjay Raut
Shivsena-UBT leader Sanjay Raut | Image: Facebook

शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ टिप्पणी को लेकर आलोचनाओं और जांच का सामना कर रहे स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा को भी केंद्र द्वारा उसी तरह सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए, जिस तरह 2020 में उसने अभिनेत्री कंगना रनौत को दी थी। एक कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर विवादित टिप्पणी करने को लेकर कामरा के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई है। कामरा की टिप्पणी के खिलाफ रविवार को शिवसेना कार्यकर्ताओं ने एक स्टूडियो में तोड़फोड़ की थी। शुक्रवार को मद्रास उच्च न्यायालय ने कामरा को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी। कामरा के खिलाफ मुंबई पुलिस ने पूछताछ के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए दो नोटिस जारी किए थे।

राउत ने कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ कथित तौर पर भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की वकालत करने वाली एक कविता की क्लिप पोस्ट करने के लिए दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ी की तरह कामरा भी एक कलाकार, कवि और व्यंग्यकार हैं। राउत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कामरा को अपनी बात (पुलिस के सामने) रखने के लिए मुंबई आना चाहिए। केंद्र ने कंगना रनौत की सुरक्षा इस डर से की कि हम उन पर हमला करेंगे। मैं मांग करता हूं कि कुणाल कामरा को भी विशेष सुरक्षा मिले।’’केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को स्टैंड-अप कॉमेडियन को जारी किए गए समन को उचित ठहराते हुए कहा था कि अगर देश के कानून के अनुसार ऐसा करना आवश्यक है तो किया जाना चाहिए।

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वैष्णव से जब पूछा गया कि क्या पुलिस द्वारा कामरा को तलब करना बहुत कठोर कार्रवाई है तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर देश के कानून के अनुसार ऐसा करना आवश्यक है, तो ऐसा किया जाना चाहिए।’’वैष्णव ने कहा कि संविधान ने नागरिकों को कुछ अधिकार दिए हैं, लेकिन उनके साथ कुछ कर्तव्य भी हैं।

Published By:
 Ankur Shrivastava
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