मथुरा में उत्सव का माहौल, मंदिरों में श्रृद्धालुओं की भीड़, देशभर में सुरक्षा चाक चौबंद; गूंजी आवाज- नंद के आनंद भयो जय कन्‍हैया लाल की...

Krishna Janmashtami: बता दें कि इस साल यह भगवान कृष्ण का 5252वां जन्मदिन है। इसको लेकर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में लाखों भक्तों का तांता लगा है और सभी कृष्ण जन्‍माष्‍टमी के उत्सव में सराबोर हुए पड़े हैं। वहीं, पूरे देश भर से इस उत्सव के वीडियो और तस्वीरें सामने आ रही हैं। इस खास मौके पर लोगों की सुरक्षा को देखते हुए हर जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए हैं।

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Krishna Janmashtami
Krishna Janmashtami | Image: ANI/R Bharat Digital

Krishna Janmashtami: आज मथुरा, व़ंदावन समेत पूरे देश भर में भगवान श्रीकृ्ष्ण का जन्मोत्सव,  जन्‍माष्‍टमी के रूप में मनाया जा रहा है। मुंबई समेत देश के कई राज्यों में भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित दही हांडी उत्सव भी मनाया जा रहा है। इस दौरान देश के कृष्ण मंदिरों में 'नंद के आनंद भयो जय कन्‍हैया लाल की' की गूंज भी सुनी जा रही है। इस वक्त वृंदावन में लाखों भक्त मौजूद हैं, जो भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने आए हुए हैं। बांके बिहारी मंदिर के बाहर दर्शन करने वालों की लंबी लाइनें लगी हैं। देश-दुनिया में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है।


बता दें कि इस साल यह भगवान कृष्ण का 5252वां जन्मदिन है। इसको लेकर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में लाखों भक्तों का तांता लगा है और सभी कृष्ण जन्‍माष्‍टमी के उत्सव में सराबोर हुए पड़े हैं। वहीं, पूरे देश भर से इस उत्सव के वीडियो और तस्वीरें सामने आ रही हैं। इस खास मौके पर लोगों की सुरक्षा को देखते हुए हर जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के मथुरा में  प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की।

इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद भारी संख्या में श्रद्धालु राधा-कृष्ण मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी समारोह में शामिल हुए। वहीं,  दिल्ली में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर द्वारका स्थित इस्कॉन मंदिर में प्रार्थना की जा रही है। इस दौरान मंदिर में हजारों भक्तों की भीड़ लगी हुई है। 

प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना डॉ. यास्मीन सिंह और उनके ग्रुप ने द्वारका स्थित ISKCON मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर नृत्य प्रस्तुति दी। दिल्ली में प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना डॉ. यास्मीन सिंह ने कहा, "मैं मध्य प्रदेश से आई हूँ और मेरी साथी नर्तकियाँ देश के विभिन्न हिस्सों से हैं। हमने shri krishna janmashtami के अवसर पर नृत्य प्रस्तुत किया। मैं आज जन्माष्टमी के अवसर पर प्रस्तुति देकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रही हूँ... हम बहुत खुश हैं... दर्शकों ने भी हमारी प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया..."

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उत्तर प्रदेश के नोएडा के इस्कॉन मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ देखी गई। 

कृष्ण जन्माष्टमी पर की जाती है  भगवान कृष्ण के बालरूप की पूजा 


हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन विधिवत रूप से श्रीकृष्ण के लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है। दृग पंचांग के अनुसार, कृष्ण जन्माष्टमी को भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी को गोकुलाष्टमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव या केवल जन्माष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। गुजरात में कृष्ण जन्माष्टमी को सातम आठम के नाम से भी जाना जाता है और दक्षिण भारत में विशेष रूप से केरल में कृष्ण जन्माष्टमी को अष्टमी रोहिणी के रूप में मनाया जाता है। 

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श्री कृष्ण जन्माष्टमी सभी कृष्ण मन्दिरों का अत्यन्त महत्वपूर्ण उत्सव है। भगवान कृष्ण से सम्बन्धित शहरों और कस्बों के लिये जन्माष्टमी घर-घर मनाया जाने वाला उत्सव है। ऐतिहासिक शहरों में, मथुरा, वृन्दावन और द्वारका के लोग कृष्ण जन्माष्टमी को अपने परिवार के सदस्य के जन्मोत्सव की तरह हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।

जन्माष्टमी के उत्सव पर जिस मुख्य देवता की पूजा की जाती है, वे हैं भगवान श्री कृष्ण। चूँकि जन्माष्टमी भगवान कृष्ण का ही जन्मदिवस है, इस दिन भगवान कृष्ण के बालरूप की पूजा की जाती है। श्री कृष्ण के बालरूप को बाल गोपाल और लड्डू गोपाल के नाम से जाना जाता है। इसके साथ ही भगवान कृष्ण के किशोर रूप की भी पूजा की जाती है।

भगवान कृष्ण के अलावा, श्री कृष्ण को जन्म देने वाले माता-पिता अर्थात वसुदेव और देवकी, भगवान कृष्ण का लालन-पालन करने वाले माता-पिता अर्थात नन्द बाबा और माता यशोदा और भगवान कृष्ण के भ्राता बलभद्र (भगवान बलराम) और उनकी बहन सुभद्रा की भी जन्माष्टमी के उत्सव पर पूजा की जाती है।

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Published By:
 Amit Dubey
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