अपडेटेड 23 February 2025 at 10:54 IST

घुटने तक कीचड़, मलवा और जलभराव...तेलंगाना सुरंग में फंसे 8 श्रमिकों को बचाना बड़ी चुनौती, जानिए क्‍या कह रहे अधिकारी

तेलंगाना के निर्माणाधीन टनल में फंसे 8 श्रमिकों को बचाने के लिए राहत बचाव कार्यों में जुटी टीमों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

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Telangana Tunnel Collapse
Telangana Tunnel Collapse | Image: x

Telangana Tunnel Collapse: तेलंगाना में SLBC निर्माणाधीन सुरंग के ढह जाने से आठ मजदूर फंस गए। सभी कामगारों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। श्रमिकों को बचाने के लिए राहत बचाव कार्यों में जुटी टीमों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मलबे के कारण श्रमिकों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।

यह घटना शनिवार (22 फरवरी) सुबह करीब साढ़े 8 बजे हुई जब तेलंगाना के नागरकुरनूल में श्रीसैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था। अब NDRF के डिप्टी कमांडर सुखेंदु ने बताया कि कल रात करीब 10 बजे हम स्थिति का विश्लेषण करने के लिए सुरंग के अंदर गए। सुरंग के अंदर 13 किलोमीटर की दूरी में से हमने 11 किलोमीटर इस लोकोमोटिव पर और बाकी 2 किलोमीटर कन्वेयर बेल्ट पर तय किया। जब हम TMV (टनल बोरिंग मशीन) के आखिर में पहुंचे, तो हमने फंसे हुए श्रमिकों से उनका नाम पुकारकर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन हमें कुछ नहीं मिला।

बिना मलबा साफ करें नहीं बचा सकते- डिप्टी कमांडर

डिप्टी कमांडर ने आगे बताया कि मलबे से 200 मीटर का पैच भरा हुआ है। जब तक इस मलबे को साफ नहीं किया जाता, हम फंसे हुए श्रमिकों की सही जगह नहीं पता कर पाएंगे और उन्हें बचा नहीं पाएंगे। सुरंग के 11 से 13 किलोमीटर के बीच के पैच में पानी भरा हुआ है। जब तक पानी नहीं निकाला जाता तब तक मलबा साफ करने का काम शुरू नहीं होगा।

'पहले पानी निकालना होगा और फिर…'

उन्होंने आगे बताया कि हमारी पहली टीम कल (22 फरवरी) शाम करीब 7 बजे यहां पहुंची। फंसे हुए श्रमिकों को बचाने के लिए पहले हमें पानी निकालने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी और फिर मलबा हटाना होगा। फंसे हुए श्रमिकों की सही जगह अभी तक पता नहीं चल पाई है। 

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घुटनों तक कीचड़ भरा है- SDRF कर्मी

इससे एक दिन पहले बचाव दल ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए सुरंग के ढहे हुए हिस्से के अंदर जाने की कोशिश की थी। हालांकि, वह आगे नहीं जा सके और उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा था। SDRF के एक बचावकर्मी ने बताया कि सुरंग के अंदर जाने का कोई रास्ता नहीं है। यह पूरी तरह से ढह गई है और घुटनों तक कीचड़ भरा हुआ है। 

टनल में फंसे दो इंजीनियर और...

टनल के एंट्री प्वाइंट से 14 किलोमीटर अंदर टनल की छत का करीब 3 किलोमीटर हिस्सा ढहने से 8 लोग फंस गए। फंसे हुए लोगों में से दो इंजीनियर (एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी से) और दो ऑपरेटर (अमेरिकी कंपनी से) हैं। जबकि चार अन्य मजदूर हैं। यह सभी यूपी, पंजाब, झारखंड और जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं।

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कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के नागरकुरनूल जिल में श्रीसैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) शनिवार की सुबह करीब निर्माण कार्य शुरू होने के बाद लगभग 50 लोग 200 मीटर लंबी सुरंग बोरिंग मशीन लेकर सुरंग के अंदर गए थे। काम के सिलसिले में वह सुंरग के तकरीबन 13.5 किलोमीटर तक गए कि तभी अचानक छत ढह गई। इसी दौरान मशीन के आगे चल रहे दो इंजीनियर्स समेत आठ कामगार फंस गए। जबकि 42 और कामगारों को सुरंग के बाहरी गेट की ओर भागना पड़ा। ऐसे में 42 कामगार तो बाहर निकल आए लेकिन बाकी 8 लोग फंस गए। अधिकारियों के मुताबिक, अचानक पानी के साथ मिट्टी बहकर आने लगी जिसकी वजह से सुंरग का ऊपरी हिस्सा बैठ गया। अब रेस्कयू टीमों को 14 किलोमीटर अंदर मलबा जमा होने की वजह से रास्ता साफ करने में मुश्किल हो रही है। ऐसे में बचाव दल आगे बढ़ने और किसी भी संभावित खतरे का पता लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है।

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 23 February 2025 at 10:12 IST