'खड़गे साहब को नादान 'राजकुमार' को समझाना चाहिए लेकिन वो 'मोदी का बाप भी जाएगा' जैसे बयान देकर सुपर नादान बन गए, छी, छी...', गिरिराज सिंह का हमला

28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के ला मेरिडियन होटल में रिपब्लिक भारत के चर्चित कार्यक्रम 'राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन 2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। मंच से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए विवादित बयान को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने राजनीतिक मर्यादा और गरिमा का हवाला देते हुए खड़गे की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया।

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'खड़गे साहब को नादान 'राजकुमार' को समझाना चाहिए लेकिन वो 'मोदी का बाप भी जाएगा' जैसे बयान देकर सुपर नादान बन गए, छी, छी...', गिरिराज सिंह का हमला
'खड़गे साहब को नादान 'राजकुमार' को समझाना चाहिए लेकिन वो 'मोदी का बाप भी जाएगा' जैसे बयान देकर सुपर नादान बन गए, छी, छी...', गिरिराज सिंह का हमला | Image: Republic Bharat

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ला मेरिडियन होटल में रिपब्लिक भारत के बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम 'राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन 2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। इस खास मंच पर देश की राजनीति और विभिन्न क्षेत्रों के कई दिग्गज शामिल हुए। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, विशेष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।

मर्यादा और भाषाई स्तर पर उठाए सवाल

सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दी गई विवादित टिप्पणी का कड़ा विरोध किया। उन्होंने खड़गे की टिप्पणी को अशोभनीय और अमर्यादित करार देते हुए तंज भरे लहजे में कहा कि 'छि: छि: छि: खड़गे जी.. आप नादानों को समझाते हैं, लेकिन आप तो खुद सुपर नादान बन गए।' गिरिराज सिंह ने कहा कि खड़गे पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। कांग्रेस पार्टी में उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे अपने 'राजकुमार' (राहुल गांधी) को राजनीतिक गरिमा का पाठ पढ़ाएं। लेकिन इसके विपरीत, खड़गे स्वयं ही अपने पद और शब्दों की मर्यादा भूल बैठे हैं।

लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्कृति पर आघात

केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की निम्नस्तरीय भाषा का प्रयोग कतई स्वीकार्य नहीं है। यह न केवल भारतीय संस्कृति के मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि भारत की स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को भी शर्मसार करता है।  उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही अभद्र भाषा का सहारा लेने लगेगा, तो फिर पार्टी के आम कार्यकर्ताओं से मर्यादित और अनुशासित आचरण की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

लगातार मिल रही हार से उपजी हताशा

विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि बार-बार मिल रही चुनावी हार और जनता के बीच लगातार घट रहे जनाधार के कारण कांग्रेस में भारी हताशा व्याप्त है। इसी बौखलाहट और हताशा के कारण उनके वरिष्ठ नेता अपनी भाषा पर नियंत्रण खो रहे हैं। उन्होंने अंत में कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों और मजबूत नेतृत्व पर पूरा भरोसा करती है। विपक्ष चाहे जितनी भी अभद्र शब्दावली का प्रयोग कर ले, जनता सब समझ रही है और सही समय पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देगी।

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Published By:
 Aarya Pandey
पब्लिश्ड