अपडेटेड 3 March 2026 at 17:04 IST
'बेरहमी से हुई खामेनेई की हत्या', ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले से भड़के उमर अब्दुल्ला; कहा- मुझे तेहरान के लोगों के साथ...
इजरायल-ईरान संघर्ष पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ईरान में किस तरह की हुकूमत होगी ये ईरान के लोगों को तय करना है। बाहर से बमबारी करके हुकूमत बदलने की अनुमति कोई भी अंतर्राष्ट्रीय कानून नहीं देता है।
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अमेरिका और इजराल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई के मौत के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए। प्रतिशोध की आग में जल रहा है ईरान मिडिल ईस्ट के कई देशों पर हमला कर रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग अपने चौथे दिन में प्रवेश कर चुकी है, तनाव चरम पर पहुंच गया है। इधर भारत के कुछ राज्यों में भी खामेनेई की मौत के विरोध में लोग सड़कों पर उतकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खामेनेई की मौत और ईरान के हालात पर प्रतिक्रिया दी है।
इजरायल-ईरान संघर्ष पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "ईरान में किस तरह की हुकूमत होगी ये ईरान के लोगों को तय करना है। बाहर से बमबारी करके हुकूमत बदलने की अनुमति कोई भी अंतर्राष्ट्रीय कानून नहीं देता। जिस तरह से पहले तो बेरहमी से ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या की गई। उनके साथ-साथ उनके परिवार के लोगों को मारा गया। किस कानून ने अमेरिका या इजरायल को इसकी अनुमति दी? मैं सबसे पहले तो ईरान के लोगों के साथ हमदर्दी व्यक्त करता हूं, उस हमले की निंदा करता हूं। "
CM उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से की ये अपील
खामेनेई की मौत के विरोध मे घाटी में हो रहे प्रदर्शन पर उमर अब्दुल्ला ने कहा, "जम्मू-कश्मीर में मैं अपने लोगों से अपील करता हूं कि हालात को बिगड़ने न दें। कुछ लोग माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। धार्मिक नेताओं से अनुरोध है कि आप अपने दुख को व्यक्त करें लेकिन कानून को हाथ में ना लें। हम विदेश मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। हमारे छात्र या बाकी लोग ईरान में हैं, उन्हें सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है। कुछ छात्र वहां से निकलने पर मंजूरी नहीं दे रहे हैं। मेरी उनसे गुजारिश होगी कि दूतावास द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करें।"
मिडिल ईस्ट में चरम पर तनाव
बता दें कि इजरायल और अमेरिका का संयुक्त रूप से ईरान पर हमला जारी है। इस हमले में अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 28 फरवरी 2026 को तेहरान स्थित खामेनेई के आवास और कंपाउंड (कार्यालय) को निशाना बनाकर हमले किए गए थे। हमला ठीक उसी जगह पर हुआ जहां ईरान के सबसे बड़े नेता इकट्ठा हुए थे। अमेरिका की प्लानिंग इतनी मजबूत थी की 30 सेकेंड में ईरान का एक बड़ा राजनैतिक कुनबा खत्म हो गया। हमला इतना सटीक था कि खामेनेई के साथ किसे के पास भी बचने का कोई रास्ता नहीं था ईरानी सेना के कई शीर्ष अधिकारी इस हमले में मारे गए। इतना ही नहीं खामेनेई के पूरे परिवार का नामों निशान मिट गया।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 3 March 2026 at 17:04 IST