KGMU Conversion: छात्रा के साथ यौन शोषण और धर्मांतरण कराने का आरोपी डॉक्टर रमीज अब तक फरार, घर पर पुलिस ने चस्पा किया कुर्की नोटिस

धर्मांतरण और यौन शोषण के गंभीर आरोपों में फरार चल रहे डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ अब पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। आरोपी के घर पर कुर्की नोटिस चस्पा किया गया है।

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 KGMU Conversion Case
आरोपी डॉक्टर रमीज के घर कुर्की नोटिस | Image: Republic

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश बना रही है। पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें आरोपी को ढूंढ रही है। यहां तक की पता बताने वालों के ईनाम देने की भी घोषणा कर दी गई है। धर्मांतरण, यौन शोषण और फर्जी निकाह का आरोरी डॉ रमीज की मुश्किले बढ़ती जा रही है। पुलिस ने आरोपी के पीलीभीत के पैतृक आवास पर कुर्की नोटिस चस्पा दिया है। साथ ही फर्जी निकाह कराने वाले काजी की भी तलाश तेज कर दी है।

धर्मांतरण और यौन शोषण के गंभीर आरोपों में फरार चल रहे डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ अब पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार शाम लखनऊ और पीलीभीत की न्यूरिया पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसके पीलीभीत स्थित पैतृक आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया। कुर्की की नोटिस पीलीभीत के साथ-साथ उत्तराखंड में भी उसके आवास पर चस्पा की गई है। पीलीभीत का रमीज निवासी है, मगर उसका परिवार उत्तराखंड में रहता है। रमीज लखनऊ चौक में किराए पर अपार्टमेंट में रहता था, एक नोटिस वहां भी चस्पा गया है।

डॉ रमीज मलिक के घर चस्पा कुर्की नोटिस

इस नोटिस में यह भी लिखा गया है कि कोई भी कर्मचारी, अभ्यर्थी, डॉक्टर, लव जिहाद और धर्मांतरण से जुड़े गोपनीय तरीके से शिकायत कर सकता है। इधर केजीएमयू के द्वारा विशाखा रिपोर्ट में रमीज दोषी पाया गया है, जल्द ही इसकी डिग्री को बर्खास्त भी किया जा सकता है। हालांकि विशाखा कमेटी के सामने रमीज मलिक पेश नहीं हुआ, बार-बार नोटिस भेजने के बाद भी रमीज नहीं आया। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विशाखा कमेटी ने रमीज मलिक को दोषी माना है, जल्द ही उसके KGMU से निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी।

रमीज पर धर्मांतरण और यौन शोषण का गंभीर आरोप

बता दें कि डॉ. रमीज मलिक पर आरोप है कि उसने एक महिला चिकित्सक का धर्मांतरण कराकर उससे फर्जी तरीके से निकाह किया और लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया। आरोपी मूल रूप से पीलीभीत के न्यूरिया कस्बे का निवासी है। जांच में सामने आया कि रमीज ने आगरा की रहने वाली महिला चिकित्सक का धर्म परिवर्तन कर उससे निकाह किया था। लखनऊ के चौक थाना पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि रमीज मलिक का निकाह पीलीभीत के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित मोहल्ला फीलखाना निवासी काजी जाहिद हसन राना ने पढ़वाया था, जबकि शारिक नाम का युवक इस निकाह में गवाह बना था।

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जांच में चौंकाने वाला खुलासा

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि निकाह के समय न तो डॉक्टर और न ही महिला चिकित्सक पीलीभीत आए थे। केवल फर्जी निकाहनामा तैयार किया गया था। बुधवार को लखनऊ पुलिस ने सदर कोतवाली पुलिस के सहयोग से मोहल्ला फीलखाना में छापेमारी कर काजी और गवाह से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं। आरोपी रमीज मलिक लंबे समय से फरार चल रहा है। इसी कारण न्यायालय के आदेश पर उसके न्यूरिया स्थित पैतृक घर पर मुनादी कराते हुए धारा 82 के तहत कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया।
 

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Published By:
 Rupam Kumari
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