Kedarnath Tragedy: 1500 लोग फंसे, परिवार से टूटा संपर्क; रेस्क्यू जारी, वायुसेना ने संभाली कमान

उत्तराखंड में बादल फटने से कई जगह तबाही देखने को मिल रही है, Kedarnath में राहत और बचाव कार्यों में वायु सेना के हेलिकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

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Kedarnath Tragedy: 1500 लोग फंसे, परिवार से टूटा संपर्क; रेस्क्यू जारी, वायुसेना ने संभाली कमान
केदारनाथ में तबाही | Image: केदारनाथ में तबाही

Rescue Operations in Kedarnath: उत्तराखंड में बादल फटने से कई जगह तबाही देखने को मिल रही है, वहीं राहत और बचाव कार्यों में वायु सेना के हेलिकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि, अब तक केदारनाथ रास्ते पर फंसे 6 हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, वहीं 1500 से ज्यादा श्रद्धालु और स्थानीय लोग भी अलग अलग रास्ते पर फंसे हुए हैं। कई जगह से खबरें आ रही है कि केदारनाथ गए लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा।

150 लोगों का उनके परिजनों से संपर्क टूट गया है, क्योंकि रेस्क्यू ऑपरेशन के माध्यम से लोगों को जंगल वाले रास्ते से लेकर जाया जा रहा है, ऐसे में कई जगह ऐसी है जहां नेटवर्क नहीं है, इसलिए लोगों का उनके परिजनों से फोन से संपर्क नहीं हो पा रहा है। 

गौचर से वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने भरी उड़ान 

वहीं, हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से तीन जिलों में आई बाढ़ में मृतकों की संख्या 8 हो गई है और 45 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। केदारनाथ और अन्य क्षेत्रों में फंसे तीर्थयात्रियों को बचाने के लिए गौचर से भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी है।

गुजरात के तीर्थयात्रियों को निकाला गया

शुक्रवार को गुजरात सरकार ने कहा कि, ‘भारी बारिश के कारण उत्तराखंड के केदारनाथ धाम जाने वाले रास्ते में फंसे गुजरात के 17 तीर्थयात्रियों को पर्वतीय राज्य के प्रशासन की मदद से हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाल लिया गया है।’

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गुजरात के मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई तेज

केदारनाथ धाम के रास्ते में मोती लिनचोली के पास अरावली जिले के 17 तीर्थ यात्रियों के फंसे होने की खबर आई थी, इसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (SEOC) को तुरंत बचाव प्रयासों में बातचीत करने का निर्देश दिया गया।

हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला गया

उत्तराखंड SEOC ने रुद्रप्रयाग जिला नियंत्रण कक्ष के समन्वय से तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। मौसम साफ होने के बाद कुछ ही घंटों के भीतर गुजरात के सभी तीर्थयात्रियों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाल लिया गया।

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वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने संभाली कमान

भारतीय वायुसेना के चिनूक और एमआई17 हेलीकॉप्टर को बारिश से प्रभावित केदारनाथ पैदल मार्ग पर फंसे तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए बचाव अभियान में शामिल किया गया है। रुद्रप्रयाग जिले के जंगल चट्टी में बादल फटने से केदारनाथ पैदल मार्ग को भारी नुकसान हुआ है। जिसके बाद कई यात्री केदारनाथ में फंस गए हैं, साथ ही यात्रियों का उनके परिजनों से भी संपर्क टूट गया है।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड