Updated May 16th, 2024 at 20:06 IST

काशी कॉरिडोर बना दुनिया का आकर्षण, 25 महीने में 139 देशों के लोगों ने किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन

Varanasi: इतिहास से भी पुराने काशी के विश्वनाथ दरबार में भक्तों ने इस बार रिकॉर्ड बना दिया है, 139 देशों के भक्तों ने पिछले दो सालों में बाबा के दर्शन किए हैं।

Reported by: Nidhi Mudgill
काशी | Image:Shutterstock
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राघवेंद्र पांडे

Baba Vishwanath Dham:  इतिहास से भी पुराने काशी के विश्वनाथ दरबार में भक्तों ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ दर्शन किए हैं, नाथों के नाथ बाबा विश्वनाथ का अद्भुत धाम हमेशा से ही विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है, इसलिए अध्यात्म और संस्कृति को जानने की जिज्ञासा विदेशी पर्यटकों को सात समुद्र पार काशी खींच लाती है। इसलिए न सिर्फ भारत बल्कि अन्य देशों के विदेशी भक्तों ने भी बड़ी संख्या में बाबा के दर्शन किए हैं।  

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नव्य भव्य श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारित होने के बाद धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अन्य देशों के भक्तों की भी संख्या भी अब बढ़ गई है। बता दें 139 देशों के भक्तों ने पिछले दो सालों में बाबा के दरबार में हाजरी लगाई है। दुनिया भर से विदेशी सैलानी काशी पहुंच रहे हैं।

काशी ने संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखा

काशी को इतिहास से भी प्राचीन लिविंग सिटी का दर्जा मिला हुआ है। सुप्रसिद्ध यूरोपियन लेखक और साहित्यकार मार्क ट्वेन ने काशी की कथाओं और आध्यात्मिक परंपरा पर मंत्रमुग्ध हो कर लिखा था कि "बनारस इतिहास से भी पुराना है, परंपरा से भी पुराना है, किंवदंतियों से भी पुराना है और इन सभी को जोड़कर तुलना करें तो, इनकी संयुक्त आयु से भी दोगुना पुराना होने की प्रतीति देता है।" धरोहरों और विरासत को सदियों से संजो के रखने वाली काशी ने विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखा है। विदेशी सैलानियों को भी काशी खींच कर लाता है। 

विदेशी सैलानियों की संख्या 4 गुना बढ़ी

विदेशी सैलानी बड़ी संख्या में श्रीकाशी विश्वनाथ जी के दर्शन करने काशी पहुंचते हैं। इसी पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र बताते हैं कि, ‘धाम के लोकार्पण के बाद लगभग 25 महीनों में बाबा के दरबार में 139 देशों के भक्तों ने हाजिरी लगाई है। वहीं यदि संख्यात्मक आंकड़ों की बात की जाए तो साल 2019 के मुकाबले साल 2023 में सिर्फ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या में चार गुना से भी ज्यादा की वृद्धि हुई है।

आंकड़े में शामिल नहीं हैं ये विदेशी पर्यटक 

वहीं अनेक गैर सनातन मतावलंबी भी काशी आते हैं, परंतु मंदिर में दर्शन नहीं करने जाते। इसलिए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सीईओ द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों में ऐसे सैलानियों की गिनती इस संख्या में सम्मिलित नहीं है। इसी प्रकार बड़ी संख्या में सारनाथ होते हुए बौद्ध परिपथ के विदेशी पर्यटक भी इस संख्या में सम्मिलित नहीं हैं। तंत्र, शाक्त, क्रिया योग, जैन, अघोरपंथ के बड़े आश्रमों और साधना स्थलों पर सीधे पहुंचने वाले ये विदेशी साधक भी इन आंकड़े में शामिल नहीं है। 

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कनेक्टिविटी, सुरक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर से काशी में बढ़ा पर्यटन 

काशी की दुनिया से अच्छी कनेक्टिविटी, सुरक्षा, मूल-भूत ढांचा में सुधार से बढ़ी सुविधाओं ने काशी में पर्यटकों का रुझान और बढ़ा दिया है। विदेशी सैलानी काशी के मंदिरों, धरोहर और संस्कृति को देखने ही नहीं आते बल्कि काशी को जीने भी आते हैं। विदेशी पर्यटक हिंदी, संस्कृत, संगीत और मंत्रो को सीखने के लिए भी काशी में लोग कई कई दिनों तक रहते हैं। 

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Published May 16th, 2024 at 19:43 IST

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