अपडेटेड 28 March 2025 at 07:49 IST

कर्नाटक में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी पर सियासत शुरू, सरकार पर बरसे पूर्व CM बोम्मई; कहा- गरीबों पर बहुत बड़ा वित्तीय बोझ

कर्नाटक सरकार ने महंगाई के इस दौर में आम आदमी की जेब और बोझ डाल दिया है। सरकार ने नंदिनी दूध और दही की कीमतो में 4 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है।

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BJP leader Basavaraj Bommai
BJP leader Basavaraj Bommai | Image: PTI

कर्नाटक में दूध कीमतों में फिर इजाफा हुआ है। यहां एक अप्रैल से दूध की कीमतें चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो जाएगी। राज्य के सहकारी मंत्री के एन राजन्ना ने इसकी घोषणा की। यह एक साल के अंदर तीसरी बार है जब दूध की कीमतों में वृद्धि की गई है। अब सरकार के इस फैसले पर विपक्षी पार्टियों की कड़ी आपत्ति जताई है और इसी गरीबों पर वित्तीय बोझ बताया है।


कर्नाटक सरकार ने महंगाई के इस दौर में आम आदमी की जेब और बोझ डाल दिया है। सरकार ने नंदिनी दूध और दही की कीमतो में 4 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें 1 अप्रैल से लागू होगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई। साल में तीसरी बार दूध की कीमतों में बढ़ोतरी होने से अब सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। बीजेपी ने सिद्धारमैया पर हमला बोलते हुए कहा कि इससे साफ होता है कि सरकार की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है।


कर्नाटक अब भ्रष्टाचार के लिए जाना जाता है-बोम्मई 

कर्नाटक में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी पर पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा, "लगभग सभी सामुदायिक कीमतें दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं। उन्होंने दूध की कीमत में 4 रुपये की वृद्धि की है, और यह एक साल में तीसरी बार है। हर परिवार, खासकर गरीबों पर बहुत बड़ा वित्तीय बोझ है। कर्नाटक अब भ्रष्टाचार और मूल्य वृद्धि के लिए जाना जाता है।

सरकार की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं- प्रहलाद जोशी

वहीं, दूध की कीमतों में बढ़ोतरी पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, "कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से करीब 2 साल से दूध की कीमतें, पेट्रोल की कीमतें, रजिस्ट्रेशन शुल्क, शराब, वाहन कर, वाहन रजिस्ट्रेशन शुल्क और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। एक तरफ वे गारंटी का वादा कर रहे हैं और दूसरी तरफ वे सब कुछ वापस ले रहे हैं। वे अपनी गारंटी पर सालाना 50,000 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करते हैं, लेकिन बदले में लगभग 60-70,000 करोड़ रुपये कमा रहे हैं। उन्होंने आज दूसरी बार दूध की कीमतें बढ़ाई हैं। इसका मतलब है कि उनकी वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है।

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एक अप्रैल से लागू होगी नई कीमतें

बता दें कि राज्य के सहकारी मंत्री के एन राजन्ना ने बृहस्पतिवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि दूध संघों और किसानों के दबाव के कारण कीमतों में वृद्धि की गई है। कीमतें बढ़ाने का फैसला दूग्ध महासंघ ने लिया है। वे प्रति लीटर पांच रुपये की बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे, सरकार ने इस पर सहमति जताई और एक अप्रैल से चार रुपये की वृद्धि का फैसला किया। बढ़ाए गए पूरे चार रुपये किसानों को मिलने चाहिए। 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 28 March 2025 at 07:49 IST