अपडेटेड 2 March 2025 at 16:58 IST
कर्नाटक विधानमंडल का सत्र हंगामेदार रहने के आसार
Karnataka Legislature: पंद्रह दिवसीय सत्र सोमवार को विधान सौध में राज्य विधानमंडल की संयुक्त बैठक में राज्यपाल थावरचंद गहलोत के अभिभाषण के साथ शुरू होगा।
- भारत
- 2 min read

Karnataka Legislature Session: कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा, दोनों के भीतर जारी अंतर्कलह के बीच सोमवार से शुरू होने वाला राज्य विधानमंडल का इस वर्ष का पहला सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के दौरान कई प्रमुख मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा होने की उम्मीद है। पंद्रह दिवसीय सत्र सोमवार को विधान सौध में राज्य विधानमंडल की संयुक्त बैठक में राज्यपाल थावरचंद गहलोत के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, जो वित्त विभाग भी संभालते हैं, सात मार्च को बजट पेश करेंगे। 2025-26 का बजट, कुल चार लाख करोड़ रुपये के होने की उम्मीद है, जो चालू वित्त वर्ष के 3.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
यह सत्र सत्तारूढ़ कांग्रेस में ‘‘बारी-बारी’’ से मुख्यमंत्री पद संभालने को लेकर जारी उन अटकलों के बीच हो रहा है, जहां उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए एक प्रमुख आकांक्षी के रूप में देखा जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का समर्थन करने वाले लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मौजूदा मुख्यमंत्री ही पद पर बने रहें।
विपक्षी भाजपा के भीतर भी अंतर्कलह बढ़ता जा रहा है और पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र को पद से हटाने की मांग की जा रही है। अंतर्कलह के बावजूद, भाजपा ने अपने गठबंधन सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) के साथ मिलकर सत्र के दौरान कई प्रमुख मुद्दों पर सरकार को घेरने का फैसला किया है। विपक्ष महंगाई का मुद्दा उठाने के साथ ही कर्नाटक में राज्य सरकार संचालित पथ परिवहन निगम की बसों और बेंगलुरु मेट्रो के किराये में हाल ही में की गई बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर निशाना साधने की तैयारी में है। इसके अलावा, दूध की कीमतों और पानी के शुल्क में प्रस्तावित वृद्धि का मुद्दा भी विधानसभा में उठ सकता है।
Advertisement
Advertisement
Published By : Dalchand Kumar
पब्लिश्ड 2 March 2025 at 16:58 IST