TMC में भूचाल, अब कल्याण बनर्जी ने दी ममता को धमकी, कहा- मैं अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता, दीदी अगर अभिषेक बनर्जी के साथ हैं तो मुझे छोड़ दें...
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने अब ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकते हुए साफ-साफ कह दिया है कि दीदी को मुझमें और अभिषेक में किसी एक और चुनना होगा।
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। अब TMC के एक और कद्दावर नेता के सुर बदलते नजर आ रहा है। TMC के वरिष्ठ नेता और सीनियर वकील कल्याण बनर्जी ने अब ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने TMC राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर खुलकर हमला बोल दिया है। मामला यहां तक पहुंच गया है कि उन्होंने ममता बनर्जी के सामने शर्त रख दी है कि अब उन्हें तय करना होगा कि पार्टी में अभिषेक रहेंगे या कल्याण बनर्जी।
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "मैं अभिषेक बनर्जी का कोई भी केस नहीं लड़ूंगा क्योंकि मुझे उनका घमंडी रवैया पसंद नहीं है। मैंने इस पेशे में 45 साल बिताए हैं। ये सभी लोग मेरे साथ जूनियर के तौर पर काम कर चुके हैं। वह मेरा अपमान कैसे कर सकते हैं? राजनीति में भी मैं उनसे सीनियर हूं। वे ऐसा नहीं कर सकते। "
मैं अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता-कल्याण बनर्जी
कल्याण बनर्जी ने आगे कहा, "अभिषेक को यह समझना होगा कि उन्हीं की वजह से हम हारे। उन्हें यह भी समझना होगा कि पार्टी उन्हीं की वजह से इस संकट का सामना कर रही है। मैं अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैं दीदी से गुजारिश करूंगा कि अगर आप अभिषेक बनर्जी पर निर्भर रहेंगी, तो उन्हीं के साथ रहें - मुझे छोड़ दें। लेकिन अगर आप अभिषेक बनर्जी से अलग हो जाती हैं तो मैं आपके साथ हूं। उन्होंने हमारी पार्टी को बर्बाद कर दिया है।"
दीदी को चुनना होगा खून का रिश्ता का या मैं -कल्याण बनर्जी
TMC सांसद और सीनियर वकील कल्याण बनर्जी ने आगे कहा, "जब तक यह 'बॉस' वाला रवैया रहेगा, पार्टी नहीं टिकेगी। अगर अभिषेक बनर्जी वहां बने रहे, तो पार्टी नहीं चलेगी। वह तृणमूल कांग्रेस नहीं हैं। हम दीदी के साथ हैं, लेकिन उन्हें तय करना होगा कि वह किसके साथ आगे बढ़ना चाहती हैं। अभिषेक बनर्जी के साथ उनका खून का रिश्ता है। दीदी को तय करना होगा - मेरा उनके साथ खून का रिश्ता नहीं है, लेकिन हम 35-40 साल से उनके साथ काम कर रहे हैं। इसलिए, दीदी को चुनना होगा कि वह उनके साथ आगे बढ़ेंगी जिनसे उनका खून का रिश्ता है, या हमारे साथ।"
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कल्याण बनर्जी के अल्टीमेटम ने बढ़ाई ममता की टेंशन
ममता बनर्जी अपने राजनीति करियर के सबसे बुरे दौर से गुजर रहीं हैं। पार्टी पहले से ही एक संगठित बगावत से जूझ रही है, जिसमें बागी सांसदों के नेतृत्व वाला एक नया गुट उनकी लीडरशिप को चुनौती दे रहा है और एक अलग राजनीतिक रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। कुछ दिन पहले ही नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कल्याण बनर्जी ने बागियों के खिलाफ ममता का जोरदार बचाव किया था, लेकिन उनका अचानक दिया गया यह कड़ा अल्टीमेटम दिखाता है कि अभिषेक के बढ़ते दबदबे को लेकर बागी और वफादार, दोनों ही गुटों में नाराजगी है।