ज्योति मल्होत्रा ने अपने किए को बताया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, नहीं कोई पूछताछ; गद्दार साबित हुई तो कितनी होगी सजा?
यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ हरियाणा के हिसार सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्योति से पूछताछ के दौरान ऐसा लग रहा है कि उसका ब्रेनवाश किया गया था।
- भारत
- 3 min read

YouTuber Jyoti Malhotra News : हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्योति से पूछताछ के दौरान ऐसा लग रहा है कि उसका ब्रेनवाश किया गया था। पूछताछ के दौरान ज्योति को इस बात का कोई पछतावा नहीं है कि उसने कोई गलती की है। उसे लगता है कि उसने अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग किया है।
NIA, MI और मिलिट्री इंटेलिजेंस के अलावा देश की अलग-अलग एजेंसी ज्योति से पूछताछ कर चुकी हैं। यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ हरियाणा के हिसार सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज है। ज्योति ने पूछताछ में बताया कि हरकीरत सिंह ने उसकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से कराई थी। पुलिस ने पूछताछ के बाद हरकीरत सिंह को छोड़ दिया है, लेकिन दोबारा सवाल करने करने के लिए बुलाया जाएगा। हरकित सिंह हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सुपरवाइजर हैं। जो पाकिस्तान जाने वाले जत्थे के वीजा लगवाने का मुख्य काम देखते थे।
दानिश के संपर्क में कई इन्फ्लुएंसर
भारत के कई सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर दानिश के संपर्क में थे। पहलगाम हमले के दौरान और भारत-पाकिस्तान के बीच हुई सैन्य कार्रवाई के दौरान भी ज्योति और दानिश लगातार टच में थे। दानिश, ज्योति को एक एसेट के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था। खबर है कि ज्योति की पाकिस्तान यात्रा का सारा खर्चा पाकिस्तान हाई कमीशन में तैनात दानिश ने ही उठाया था।
दानिश ने दो बार ज्योति के पाकिस्तान में रुकने और घूमने का इंतजाम कराया था। दानिश के कहने पर वो पाकिस्तान में उसके जानकार अली अहवान से मिली थी, अली ने उसने रुकने और घूमने फिरने का प्रबन्ध किया था। अली अहवान ने पाकिस्तानी सिक्योरिटी व इंटेलिजेंस के अधिकारियों से मुलाकात करवाई थी। पाकिस्तान में ही शाकिर और राणा शहवाज से भी ज्योति की मुलाकात हुई।
Advertisement
ज्योति मल्होत्रा को हो सकती है उम्रकैद
ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ हिसार सिविल लाइन थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152, ऑफिशियल सिक्रेट्स एक्ट (3 और 5) 1923 के तहत मुकदमा दर्ज है। ऑफिशियल सिक्रेट्स एक्ट की धारा 3 में दोषी पाए जाने पर ज्योति को 14 साल और धारा 5 में 3 साल तक की सजा या जुर्माना दोनों हो सकती है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 देशद्रोह या राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता को खतरे में डालने से जुड़ी है। इसके तहत दोषी पाने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। BNS 152 में कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान है।