JNU ने यौन उत्पीड़न के आरोप में प्रोफेसर बिमोल अकोईजाम को किया बर्खास्त, जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद बड़ा फैसला
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने 9 अक्टूबर 2026 को प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकॉइजम को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है।
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने एक कड़ा संदेश देते हुए यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकॉइजम को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने 9 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया। यूनिवर्सिटी द्वारा गठित आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की जांच रिपोर्ट और उसमें की गई कड़ी सिफारिशों के आधार पर यह फैसला लिया गया है।
10 छात्रों ने दर्ज कराई थी गंभीर शिकायतें
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब सितंबर के महीने में विश्वविद्यालय के 10 छात्रों ने एकजुट होकर प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न और अनुचित आचरण के गंभीर आरोप लगाए। यह शिकायत अगस्त में प्रोफेसर के खिलाफ मिली पहली शिकायत के बाद सामने आई थी। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर अक्सर उनके साथ अशोभनीय व्यवहार करते थे और अनुचित भाषा का इस्तेमाल करते थे।
कैंपस आवास पर बुलाने और टिप्पणी करने के आरोप
छात्रों द्वारा सौंपी गई शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि प्रोफेसर उन्हें कैंपस स्थित अपने सरकारी आवास पर मिलने या अन्य गतिविधियों के बहाने बुलाते थे और वहां उनके साथ गलत व्यवहार करते थे। इसके अलावा, कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि क्लास के दौरान पढ़ाई के माहौल को प्रभावित करते हुए प्रोफेसर की ओर से अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की जाती थीं।
ICC की जांच में साबित हुए आरोप
मामला सामने आने के बाद जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने तुरंत निष्पक्ष जांच शुरू की। जांच प्रक्रिया के दौरान समिति ने पीड़ित छात्रों के बयान दर्ज किए, प्रासंगिक साक्ष्य जुटाए और प्रोफेसर को भी अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया। गहन जांच के बाद ICC ने निष्कर्ष निकाला कि प्रोफेसर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप सही हैं।
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यूनिवर्सिटी प्रशासन का सख्त फैसला
आरोपों की पुष्टि होने के बाद ICC ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी, जिसमें आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
समिति की सिफारिशों और स्थापित प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, JNU प्रशासन ने प्रोफेसर बिमोल अकॉइजम को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। जेएनयू के इस कड़े कदम को कैंपस में छात्रों की सुरक्षा और लैंगिक संवेदनशीलता बनाए रखने की दिशा में एक अहम फैसला माना जा रहा है।