JNU छात्रसंघ चुनाव में चारों सीटों पर लाल सलाम का कब्जा, अदिति बनीं प्रेसिडेंट, ABVP क्यों रही खाली हाथ?

JNU Election: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) चुनाव 2025 का परिणाम आ गया है। चुनाव में लेफ्ट विंग ने एक बार फिर से जीत हासिल की, लेकिन ABVP एक भी सीट नहीं निकाल पाई।

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JNU छात्रसंघ चुनाव में चारों सीटों पर लाल सलाम का कब्जा, ABVP क्यों रही खाली हाथ? | Image: X

JNU Election: JNU छात्रसंघ चुनाव का परिणाम आ गया है। इस साल के चुनाव में अध्‍यक्ष, उपाध्‍यक्ष, संयुक्त सचिव और महासचिव की चारों सीट पर लेफ्ट यूनिटी गठबंधन ने जीत हासिल की है। पिछले साल के चुनाव में एक सीट जीतने वाली (ABVP) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस साल चारों सीटों पर चुनाव हार गई है।

JNU छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर अदिति मिश्रा के साथ उपाध्यक्ष पद पर कीझाकूट गोपिका बाबू, महासचिव-सुनील यादव और सचिव पद पर दानिश ने जीत हासिल की है। ABVP और JNUSU के अलावा, कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन NSUI ने भी चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें भी बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। आपकी जानकारी के लिए बात दें कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ (JNUSU) वोटों के नातीजे गुरुवार देर शाम आए और चारों सीटों पर लेफ्ट का कब्जा रहा। आपको यह भी बता दें कि JNU में बैलेट पेपर से वोटिंग होती है।

प्रेसिडेंट पद के लिए वोट

प्रेसिडेंट चुनाव में लेफ्ट गठबंधन की अदिति मिश्रा को 1,861 मिलें। अदिति ने एबीवीपी के विकास पटेल को हराया। विकास को 1,447 वोट मिलें।

वाइस प्रेसिडेंट के लिए वोट

वाइस प्रेसिडेंट चुनाव में के. गोपिका ने 2,966 वोट हासिल किए, जबकि एबीवीपी की तान्या कुमारी को 1,730 वोट मिलें।

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महासचिव के लिए वोट

महासचिव के लिए सुनील यादव को 1915 वोट मिलें और राजेश्वर कांत दुबे को 1,841 वोट मिलें।

संयुक्त सचिव के लिए वोट

संयुक्त सचिव चुनाव के लिए दानिश अली ने 1,991 वोटों के साथ जीत दर्ज की है। उन्होंने ABVP के अनुज दमारा को हराया, जिन्हें 1,762 वोट मिलें।

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ABVP क्यों रही खाली हाथ?

JNU छात्रसंघ चुनाव में ABVP क्यों रही खाली हाथ? यह एक सवाल जरूर पैदा होता है। दरअसल, इस चुनाव में एसएफआइ, आइसा और डीएसएफ ने एकजुट होकर वाम गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ा, जिसके चलते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को खाली हाथ रहना पड़ा। कहा जा रहा है कि चुनाव में इन पार्टियों की एकता दिखी, जिसके चलते ABVP को हार का सामना करना पड़ा।
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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड