क्या गिरफ्तार होंगे सीएम हेमंत सोरेन? दिल्ली आवास पर ED की टीम का सर्च ऑपरेशन, लोकेशन पर सस्पेंस
Hemant Soren : ED की टीम सोमवार को जब सीएम हेमंत सोरेन के घर पहुंची, तो CM सोरेन नहीं मिले। इसके बाद घर के बाहर दिल्ली पुलिस की तैनाती कर दी गई।
- भारत
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Hemant Soren : प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची। ED ने कथित भूमि धोखाधड़ी मामले में 20 जनवरी को सोरेन से रांची में उनके आधिकारिक आवास पर पूछताछ की थी और उन्हें इस सप्ताह पूछताछ के लिए नया समन जारी किया था। ED की टीम जब सोरेन के घर पहुंची तो ED अफसर को घर पर CM हेमंत सोरेन नहीं मिले। इसके बाद घर के बाहर दिल्ली पुलिस की तैनात कर दी गई।
ED सूत्रों की मानें तो हेमंत सोरेन ने ED को पत्र लिखा है। जिसमें 31 जनवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। ED को रेड में घर पर ना तो हेमंत सोरेन मिले और ना ही उनके संपर्क हो पाया। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय से ED को मेल मिला है। मेल में लिखा है कि सीएम 31 जनवरी को जांच में शामिल होंगे। ED जमीन घोटाले में फ्रेश इनपुट पर सीएम का स्टेटमेंट लेना चाहती है। रविवार को हेमंत सोरेन के सीनियर वकील कपिल सिब्बल से मिलने की बात भी सामने आई है।
सोमवार का पूरा घटनाक्रम
पहले झारखंड ED की टीम सुबह करीब 7:30 बजे दिल्ली के शांति निकेतन स्तिथ हेमंत सोरेन में घर पहुंची। इसके बाद में ED झारखंड भवन पहुंची। करीब 12 बजकर 20 मिनट पर झारखंड ED की टीम शांति निकेतन से एक बैग लेकर बाहर निकली। सोमवार को ही हेमंत सोरेन को वापिस जाना था, लेकिन सूत्रों की माने तो अब चार्टर्ड प्लेन कैंसल हो गई है।
सोरेन को कब-कब समन ?
- 8 अगस्त- 14 अगस्त को पूछताछ का नोटिस, पेश नहीं हुए
- 19 अगस्त- 24 अगस्त को पूछताछ का नोटिस, पेश नहीं हुए
- 1 सितंबर- 9 सितंबर को पूछताछ का नोटिस, पेश नहीं हुए
- 17 सितंबर- 23 सितंबर को पूछताछ का नोटिस, पेश नहीं हुए
- 26 सितंबर- 4 अक्टूबर को पूछताछ का नोटिस, पेश नहीं हुए
- 11 दिसंबर- 12 दिसंबर को पूछताछ का नोटिस, पेश नहीं हुए
- 29 दिसंबर- समय और जगह खुद तय करें, पेश नहीं हुए
- 13 जनवरी- 20 जनवरी को पहली बार पूछताछ हुई
- 25 जनवरी- 27 जनवरी को पूछताछ का नोटिस, पेश नहीं हुए
- 27 जनवरी- 29-31 जनवरी तक का समय, घर पर ED
ED से क्यों डरे हुए हैं नेता?
दिल्ली और झारखंड के मुख्यमंत्रियों से ED पूछताछ करना चाहती है। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, जिससे चुनाव प्रचार ना कर सकें। झारखंड के हेमंत सोरेन पार्टी नेतृत्व से इस जेल जानें की स्थिति को लेकर पहले ही चर्चा कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया है कि ED का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
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क्या गिरफ्तार होंगे सीएम हेमंत सोरेन?
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED के पास किसी को भी समन भेजने का अधिकार है। ED एक्ट में दिए गए रूल्स के अनुसार जांच करती है। ED का बुलावा अगर किसी नेता को जाता है, तो उसकी जिम्मेदारी है कि जांच में सहयोग करे और सवालों का जवाब दे। जांच एजेंसी घर जाकर भी पूछताछ कर सकती है। किसी राज्य के मुख्यमंत्री को भी एजेंसी के सामने पेश होना पड़ता है, ऐसा ना करने की स्थिति में एजेंसी उनको गिरफ्तार भी कर सकती है।