'हेमंत सोरेन की सरकार ने स्कैम 'लैंड पर JPSC एग्जाम' किया', छात्रों की हालत देख फूटा केंद्रीय मंत्री का गुस्सा; CBI जांच की उठाई मांग
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। इधर विपक्ष हेमंत सोरेन सरकार पर चौतरफा हमला कर रही है।
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झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन ने अब और गंभीर रूप ले लिया है। आंदोलनकारी छात्रों ने राज्य सरकार से हाथ जोड़कर अपील की है कि कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच JPSC परीक्षा को रद्द किया जाए। साथ ही उन्होंने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। भारी बारिश और मौसम की बेरुखी के बावजूद छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। झारखंड सरकान ने उन्हें तिरपाल तक लगाने का आदेश नहीं दिया है। अब हेमंत सरकार के इस रवैये पर केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने सवाल उठाया है।,
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा, "13 दिनों से रांची में हजारों छात्र धरने पर बैठे हैं और वो मुख्यमंत्री के आवास से सिर्फ 1 किलोमीटर दूर जयपाल सिंह स्टेडियम में बैठे हैं। रांची में भारी बारिश हो रही है मगर उन्हें तिरपाल लगाने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि उनकी बिजली भी काट दी गई है। वहां कोई शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है जबकि वहां हमारी बेटियां भी बैठी हैं।"
'लैंड पर JPSC एग्जाम' स्कैम हुआ है-संजय सेठ
हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए संजय सेठ ने कहा, "लालू यादव जब रेल मंत्री थे जब 'लैंड फॉर जॉब' स्कैम हुआ था। उससे बड़ा स्कैम 'लैंड पर JPSC एग्जाम' यहां पर हुआ। बच्चों से जमीन के कागजात रखवा लिए गए कि जब आपकी नौकरी लग जाएगी, हम यह जमीन ले लेंगे। इतना बड़ा स्कैम झारखंड की जनता और हजारों छात्र चाहते हैं कि CBI जांच हो जाए। हम पूछना चाहते हैं कि सरकार को आपत्ति क्या है।"
आंदोलन को मिला सोनम वांगचुक का साथ
छात्रों का कहना है कि वे केवल पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया चाहते हैं, ताकि योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके। रांची में जिस दृढ़ता से आंदोलनकारी छात्र प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं, उससे आंदोलन लंबा खिंचने के आसार साफ नजर आ रहे हैं। आंदोलन कर रहे छात्रों को अब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी साथ मिल गया है। बुधवार को उन्होंने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से फोन पर बात भी की है।