'मैंने कलमा पढ़ा इसलिए छोड़ दिया, मेरे पास एक शख्स को गोली मार दी...', असम के प्रोफेसर ने चालाकी से बचाई अपनी जान
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले से असम के प्रोफेसर बाल-बाल बचे। मौत को सामने से देखकर लौटे असम के प्रोफेसर ने बताया हमले का खौफनाक मंजर।
- भारत
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Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक थे। वहीं इस घटना में 17 लोग घायल हुए हैं। आतंकी हमले के चश्मदीदों ने बताया कि कैसे आतंकियों ने लोगों की पहचान कर करके लोगों को मौत के घाट उतारा। इस बीच असम के एक प्रोफेसर ने भी बताया कि कैसे सामने मौत खड़ी थी, लेकिन कलमा पढ़कर उन्होंने अपनी जिंदगी बचाई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असम के प्रोफेसर देबाशीष भट्टाचार्य ने बताया कि जब आतंकी हमला हुआ, उस वक्त वो पेड़ के नीचे लेटे हुए थे। तभी अचानक से उन्होंने सुना कि लोग कलमा पढ़ रहे हैं। उन्होंने भी जोर से कलमा पढ़ना शुरू कर दिया। फिर आतंकी उनकी ओर बढ़ा और बगल में लेटे व्यक्ति के सिर में गोली मार दी।
'एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे हमेशा के लिए...'
उन्होंने कहा कि आतंकी ने मेरी तरफ देखा और पूछा कि मैं क्या कर रहा हूं। मैं लगातार पढ़ता रहा- तेज, जोर से, जीने के लिए बेताब। एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे हमेशा के लिए... वह बस मुड़ा और चला गया।
हमले में शामिल आतंकियों के 2 मददगार गिरफ्तार
पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों की धरपकड़ के लिए सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है। इसी बीच बांदीपुरा से पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के दो मददगारों (OGW) को पकड़ा गया है। इन दोनों की निशानदेही पर हथियार भी बरामद किए गए हैं। दोनों मददगार बांदीपुरा के हाजन इलाके से पकड़े गए हैं।
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हिरासत में लिए गए 1500 से ज्यादा लोग
जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। घाटी के अलग-अलग इलाकों से सुरक्षाबलों ने 1500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। इन लोगों में ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) और आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे लोग हैं। दक्षिण कश्मीर में 250 से अधिक OGW को हिरासत में लिया है। इन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
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