अपडेटेड 13 January 2026 at 19:35 IST

जम्मू-कश्मीर में LG मनोज सिन्हा का बड़ा एक्शन, आतंकी कनेक्शन के आरोप में 5 सरकारी कर्मचारियों को किया बर्खास्त

जम्मू और कश्मीर के गवर्नर मनोज सिन्हा ने आतंकी संबंधों के आरोप में 5 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इनमें एक शिक्षक, लैब टेक्नीशियन, असिस्टेंट लाइनमैन, वन विभाग का फील्ड वर्कर और ड्राइवर शामिल हैं। आरोप है कि ये कर्मचारी आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहे थे और राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे थे।

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J&K LG Manoj Sinha
J&K एलजी मनोज सिन्हा | Image: File Photo

Jammu & Kashmir: सरकारी तंत्र में आतंकी इकोसिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ जम्मू-कश्मीर के गवर्नर मनोज सिन्हा ने बड़ा प्रहार किया है। सिन्हा ने मंगलवार को पांच सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया, जिनपर कथित तौर पर आतंकी संबंधों के आरोप भी थे।

एजेंसी ANI के सूत्रों के मुताबिक, इन एक्टिव एसोसिएट्स को आतंकी संगठनों और पाकिस्तान के ISI द्वारा सरकारी सिस्टम में सेंध लगाने के लिए प्लांट किया गया था। वह पिछले कई सालों से एडमिनिस्ट्रेशन में घुसपैठ की कोशिश करते रहे ताकि सरकारी सिस्टम को कमजोर किया जा सके। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाया जा सके।

आतंक से जुड़े 5 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त

संविधान के अनुच्छेद 311(2)(c) के तहत, जम्मू-कश्मीर में पांच सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। इनमें एक शिक्षक भी शामिल है, जिस पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए काम करने का आरोप है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसे अप्रैल 2022 में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

वहीं, नौकरी से निकाले गए अन्य कर्मचारियों में हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा लैब टेक्नीशियन, LeT से जुड़ा असिस्टेंट लाइनमैन, वन विभाग का फील्ड वर्कर और हेल्थ एंड मेडिकल एजुकेशन विभाग का ड्राइवर शामिल हैं। कथित सभी पर आतंकी संगठनों से संपर्क और मदद करने के आरोप थे।

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LG मनोज सिन्हा की सख्त कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने 2021 से आतंक के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया था। अब तक 85 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जो आतंकी संगठनों से जुड़े पाए गए। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस कार्रवाई का मकसद सरकारी सिस्टम को आतंकवाद के प्रभाव से मुक्त करना है। अधिकारियों का कहना है कि इससे प्रशासन की ईमानदारी और भरोसेमंदी मजबूत होगी।

अमित शाह की हाई-लेवल सुरक्षा बैठक

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरूवार को जम्मू-कश्मीर पर एक हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने इस दौरान सभी सुरक्षा बलों को मिशन मोड में आतंकवाद और टेरर फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए थे। 

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शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को यह भी निर्देश दिया कि वे ‘सतर्क रहें और तालमेल बनाकर काम करते रहें ताकि आर्टिकल 370 हटाने के बाद जो फायदे हुए हैं, उन्हें बनाए रखा जा सके और हम जल्द से जल्द 'आतंकवाद-मुक्त J&K' का लक्ष्य हासिल कर सकें।’ गृह मंत्रालय (MHA) के एक बयान के अनुसार, शाह ने यह भी कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जम्मू और कश्मीर में स्थायी शांति स्थापित करने पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 13 January 2026 at 19:07 IST