BIG BREAKING: जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में हड़कंप, SFI प्रेसिडेंट सखी सस्पेंड; कैंपस में दंगा नियंत्रण वाहन तैनात
जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में बवाल मचा हुआ है। सुबह-सुबह करीब 6 बजे पहुंची पुलिस ने बिना इजाजत प्रदर्शन कर रहे 14 छात्रों को हिरासत में ले लिया है।
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Jamia Millia Islamia Student Protest: जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में बवाल मचा हुआ है। सुबह-सुबह करीब 6 बजे पहुंची पुलिस ने बिना इजाजत प्रदर्शन कर रहे 14 छात्रों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी प्रशासन की शिकायत पर की है। वहीं अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी ने एसएफआई जेएमआई की अध्यक्ष सखी को सस्पेंड कर दिया है।
आपको बता दें कि हिरासत में लिए गए स्टूडेंट्स पर आरोप है कि इन्होंने अपने प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी की कैंटीन बंद कर दी थी और उसके बाहर बैठकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे और कल कैंटीन के बाहर तोड़ फोड़ भी की गई थी। आपको बता दें कि पीएचडी छात्रों को पिछले साल विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए ‘कारण बताओ’ नोटिस दिया गया था। इस कार्रवाई के खिलाफ सोमवार को छात्र फिर से प्रदर्शन करने लगे और हंगामा किया।
पुलिस ने क्या कहा
विश्वविद्यालय ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने ‘सेंट्रल कैंटीन’ समेत विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और सुरक्षा सलाहकार के कार्यालय का दरवाजा तोड़ दिया, जिससे प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय ने छात्रों को विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाने के लिए पुलिस से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया ताकि कानून- व्यवस्था बरकरार रहे।
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पुलिस के एक सूत्र ने कहा, 'विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध मिलने के बाद हमने तड़के 6 बजे 14 छात्रों को विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाया। इसके अलावा, हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिसर के बाहर काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए हैं।” विश्वविद्यालय से प्राप्त एक बयान को साझा करते हुए एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि 14 छात्रों को हिरासत में लिया गया है और जांच जारी है।
दंगा नियंत्रण वाहन के साथ RAF के जवान तैनात
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जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। इसके अलावा दंगा नियंत्रण वाहन और RAF के जवान भी मौके पर मुस्तैद किया गया है। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति 25 फरवरी को बैठक करेगी, जिसमें 15 दिसंबर 2024 को 'जामिया प्रतिरोध दिवस' के आयोजन में पीएचडी के दो छात्रों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ 2019 में हुए प्रदर्शनों की बरसी पर हर साल “जामिया प्रतिरोध दिवस” मनाया जाता है।