गिरफ्तार होंगे अभिषेक बनर्जी? एक और मामले में ममता बनर्जी के भतीजे की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने अरेस्ट वारंट पर लगी रोक हटाई
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज की दी। ऐसे में भोपाल एमपी-एमएलए कोर्ट के गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हट गई।
- भारत
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Abhishek Banerjee news: पश्चिम बंगाल की पूर्व CM ममता के भतीजे और TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अलग-अलग मामलों में वह पहले ही CID से लेकर ED की पूछताछ का सामना कर रहे हैं। इस बीच अब एक मामले में अभिषेक पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है। दरअसल, जबलपुर हाई कोर्ट ने TMC सांसद को बड़ा झटका देते हुए उनकी गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक को निरस्त कर दिया है।
कोर्ट ने खारिज की याचिका
बुधवार (17 जून) को जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने अभिषेक बनर्जी की याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद अब भोपाल की विशेष MP-MLA कोर्ट की ओर से जारी किया गया गिरफ्तारी वारंट फिर से प्रभावी हो गया है। ऐसे में अब उन पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मामला कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय पर टिप्पणी से जुड़ा है। साल 2021 में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भोपाल की MP-MLA स्पेशल कोर्ट में मानहानि का मामला दायर किया गया था। इसमें आरोप लगाया कि नवंबर 2020 में कोलकाता में आयोजित एक सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने उन्हें "गुंडा" कहा था। इससे उनकी और उनके परिवार की छवि धूमिल हुई।
इस मामले को लेकर विशेष अदालत की ओर से अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ था। इसको लेकर उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था। इस दौरान दलील दी गई कि वे एक निर्वाचित सांसद हैं। उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है। इस पर हाई कोर्ट की ओर से नवंबर 2025 में गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक लगा दी गई थी।
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कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
इससे पहले 8 मई को हुई इस मामले पर सुनवाई हुई थी। इस दौरान अभिषेक के वकील की अनुपस्थिति पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। साथ ही चेतावनी देते हुए यह भी कहा था कि अगली तारीख पर बहस नहीं होने की स्थिति में अंतरिम राहत जारी नहीं रहेगी। आज (17 जून) को हुई भी सुनवाई में अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे में हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटा दी है।