ईरान-अमेरिका में जारी जंग के बीच भारत के इस राज्य में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत, बंद हुए 400 से अधिक पंप; मचा हाहाकार
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है।
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ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है। आंध्र प्रदेश में कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल खत्म होने की अफवाह फैलने के बाद लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके चलते रविवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में स्टॉक समाप्त होने के चलते 400 से अधिक पेट्रोल पंप बंद करने पड़े।
अधिकांश जगहों पर दोपहिया वाहनों को 2 लीटर और कारों को 10 लीटर तक ही सीमित बिक्री हो रही है। सोशल मीडिया अफवाहों से उपजी घबराहट ने लोगों को जरूरत से ज्यादा खरीदारी के लिए उकसा दिया। आंध्र प्रदेश पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने बताया कि सामान्यतः 7,000 लीटर डीजल बिकता था, लेकिन अब पैनिक बाइंग से यह 14,000 लीटर से अधिक पहुंच गया है।
विशाखापत्तनम जैसे शहरों में डीजल की सबसे ज्यादा किल्लत है, जहां तेल कंपनियां नियमित सप्लाई नहीं दे पा रही। ट्रांसपोर्ट और दैनिक यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
शहरों में अफरा-तफरी
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विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंद्री, कुरनूल और नेल्लोर में लंबी कतारें लगीं, तो कई जगह पंप कर्मचारियों से वाहन चालकों के बीच झड़पें हुईं। तिरुमाला जैसे तीर्थ स्थलों पर भी परिवहन व्यवस्था चरमरा गई। शनिवार को 10,345 किलोलीटर पेट्रोल और 14,156 किलोलीटर डीजल की आपूर्ति हुई, फिर भी भीड़ बेकाबू रही।
सीएम का हस्तक्षेप
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मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जिला कलेक्टरों को सोमवार शाम तक रिपोर्ट देने और तत्काल एक्शन प्लान लागू करने के आदेश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस कर स्थिति का जायजा लिया। कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई का ऐलान भी किया गया।
वैश्विक पृष्ठभूमि
फरवरी से शुरू ईरान-अमेरिका युद्ध ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावित किया, जहां से वैश्विक तेल का 20% गुजरता है। भारत अपनी 85% जरूरत आयात करता है, इसलिए केंद्र सरकार वैकल्पिक स्रोतों पर जोर दे रही है। फिलहाल देश में ईंधन स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही।