अमरनाथ यात्रा से पहले आपदा संभावित क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश

जम्मू-कश्मीर सरकार ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले दोनों मार्गों पर आपदा संभावित क्षेत्रों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

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अमरनाथ यात्रा | Image: ANI

जम्मू-कश्मीर सरकार ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले दोनों मार्गों पर आपदा संभावित क्षेत्रों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की 14वीं उच्च स्तरीय समिति की बैठक में अनंतनाग और गांदरबल के उपायुक्तों को यह निर्देश दिए।

अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर चर्चा के लिए सोमवार को यह बैठक आयोजित की गई थी। अमरनाथ गुफा में स्थित प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए पिछले साल 5.12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि अनंतनाग जिले में 48 किमी लंबे परंपरागत नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में बालटाल मार्ग पर आपदा संभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया जाए और इन क्षेत्रों में तंबू (टेंट) न लगाया जाए।

उन्होंने आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग को जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर यात्रियों की सुरक्षा के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित उपायुक्तों को सेवा प्रदाताओं के सहयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं और यात्रा प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए उपयुक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

मुख्य सचिव ने सार्वजनिक निर्माण विभाग, विद्युत विकास विभाग, जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, आवास और शहरी विकास विभाग, सीमा सड़क संगठन और दूरसंचार विभाग को आवश्यक निविदाएं और अनुबंध संबंधी प्रक्रियाएं अगले महीने तक पूरी करने के निर्देश दिए।

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मुख्य सचिव ने सभी विभागों से यात्रा के लिए बजट आवश्यकताओं की समीक्षा भी की। बैठक में यात्रा मार्ग पर अस्पतालों और अन्य चिकित्सा सुविधाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्याप्त कर्मचारी तैनात करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड